शहीद मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल को मरणोपरांत शौर्य चक्र, पुलवामा में 5 आतंकवादियों को उतारा था मौत के घाट

एन. पांडेय| Last Updated: सोमवार, 22 नवंबर 2021 (17:46 IST)
देहरादून। 2019 में पुलवामा में 5 आतंकवादियों को मौत के घाट उतारने वाले को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा से सम्मानित किया गया है। सोमवार को दिल्ली में आयोजित अलंकरण समारोह में उनकी पत्नी लेफ्टिनेंट और मां ने राष्ट्रपति से पुरस्कार ग्रहण किया। दून निवासी विभूति ढौंडियाल ने पुलवामा हमले के बाद जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ चले ऑपरेशन में 5 आतंकवादियों को मार गिराया था।

वर्तमान में उनके घर में मां सरोज, पत्नी नितिका और सबसे छोटी बहन वैष्णवी हैं। सबसे बड़ी बहन पूजा की शादी हो चुकी है। उनके पति विकास नौटियाल सेना में कर्नल हैं। उनसे छोटी बहन प्रियंका शादी के बाद अमेरिका में रहती हैं। शहीद मेजर विभूति को बचपन से ही सेना में जाने का जुनून था। पति के नक्शेकदम पर चलते हुए नितिका कौल ने भी सेना में अधिकारी का पद हासिल कर सेना की ही वर्दी पहनी है।
मेजर विभूति के शहीद होने के बाद पत्नी निकिता ने पति के सपने को पूरा करने के लिए सेना में जाने का निश्चय किया था जिसे उन्होंने सच भी कर दिखाया। निकिता ने दिसंबर 2019 में इलाहाबाद में वूमेन एंट्री स्कीम की परीक्षा दी थी। इसके बाद चेन्नई की ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) से निकिता को कॉल लेटर आया और ट्रेनिंग पूरी कर निकिता ओटीए की पासिंग आउट परेड में बतौर लेफ्टिनेंट आधिकारिक रूप से सेना में शामिल हो गईं।
मेजर विभूति की शादी 18 अप्रैल 2018 को हुई थी। 19 अप्रैल को पहली बार पत्नी निकिता को लेकर वह देहरादून के डंगवाल मार्ग स्थित अपने घर पहुंचे थे। इसके ठीक 10 माह बाद मेजर विभूति शहीद हो गए थे।



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