केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को मिली जमानत, CM ठाकरे को ‘थप्पड़ मारने’ वाले बयान पर हुई थी गिरफ्तारी

Last Updated: बुधवार, 25 अगस्त 2021 (00:25 IST)
के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी के आरोप में गिरफ्तार किए गए केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को मंगलवार रात रायगढ़ जिले में महाड की एक अदालत ने जमानत दे दी।

राणे अपनी इस टिप्पणी के बाद विवादों में घिर गए और शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने राज्य के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन किया।

इससे पहले भाजपा नेता राणे के वकील अनिकेत निकम ने आरोप लगाया कि पुलिस राणे को गिरफ्तार करने से पहले कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करने में विफल रही और वे उनकी गिरफ्तारी का विरोध करेंगे।

केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री राणे की टिप्पणी को लेकर महाराष्ट्र में उनके खिलाफ चार प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। उन्हें रत्नागिरि पुलिस ने मंगलवार को दोपहर बाद गिरफ्तार किया था और फिर उन्हें महाड ले जाया गया।
महाड में उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 189 (लोकसेवक को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने) और धारा 504 (शांति भंग करने के लिए जानबूझकर अपमान करना) तथा धारा 505 (सार्वजनिक तौर पर शरारत से संबंधित बयान) के तहत मामला दर्ज किया गया।

राणे ने दावा किया था कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यह भूल गए कि देश की आजादी को कितने साल हुए हैं। राणे ने रायगढ़ जिले में सोमवार को ‘जनआशीर्वाद यात्रा’ के दौरान कहा, ‘‘यह शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री को यह नहीं पता कि आजादी को कितने साल हो गए हैं। भाषण के दौरान वह पीछे मुड़कर इस बारे में पूछते नजर आए थे। अगर मैं वहां होता तो उन्हें एक जोरदार थप्पड़ मारता।’

राणे को 'जनआशीर्वाद यात्रा' के दौरान रत्नागिरि जिले के गलावली में हिरासत में लिया गया और पहले संगमेश्वर थाने ले जाया गया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि नासिक पुलिस की एक टीम भी उन्हें हिरासत में लेने के लिए निकली थी, लेकिन मुंबई से 160 किलोमीटर दूर महाड में दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में राणे को दोपहर करीब पौने तीन बजे रायगढ़ पुलिस के हवाले कर दिया गया था।
भाजपा और शिवसेना आमने-सामने : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में केन्द्रीय मंत्री नारायण राणे की गिरफ्तारी के आदेश के बीच, मंगलवार को मंत्री के आवास के पास शिवसेना की युवा शाखा और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव किया, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

शिवसेना कार्यकर्ता सांताक्रूज (पश्चिम) में जुहू तारा रोड स्थित राणे के आवास के पास बैठ गए, जहां भाजपा कार्यकर्ता भी अपने नेता का समर्थन करने के लिए मौजूद थे। दोनों ओर से एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की गई। घटना के बाद वहां सड़क पर दोनों ओर जाम लग गया और इलाके में यातायात प्रभावित हो गया। बाद में सड़क को यातायात के लिए खोल दिया गया।
अधिकारी ने बताया कि इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि युवा सेना (शिवसेना की युवा शाखा) के कार्यकर्ताओं द्वारा केन्द्रीय मंत्री राणे के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन के दौरान यह झड़प हुई।

भाजपा कार्यकर्ता सुबह से ही मंत्री के समर्थन में उनके सांताक्रूज (पश्चिम) में जुहू तारा रोड स्थित आवास के बाहर एकत्र हो गए थे। वहीं, महिलाओं सहित शिवसेना के कार्यकर्ता पहले राणे के खिलाफ तख्तियां लिए और नारेबाजी करते हुए, जुहू स्थित युवा सेना (पार्टी की युवा शाखा) के एक कार्यालय के बाहर जमा हुए। राणे के आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने राणे के आवास के बाहर झड़प के मामले में सांताक्रूज और कस्तूरबा मार्ग थानों में तीन प्राथमिकी दर्ज की हैं। सांताक्रूज थाने में आठ से दस लोगों के खिलाफ दो क्रॉस एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें युवा सेना के 50 कार्यकर्ता और कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं के नाम हैं। अधिकारी ने कहा कि कस्तूरबा मार्ग थाने में छह ज्ञात लोगों तथा 80 से 90 अज्ञात लोगों के खिलाफ एक और प्राथमिकी दर्ज की गई।



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