डाकघर न बन जाएं Corona चेन, आधार कार्ड बनवाने के लिए लग रही भीड़

हिमा अग्रवाल| पुनः संशोधित शुक्रवार, 21 अगस्त 2020 (22:48 IST)
जिले में कोरोनावायरस (Coronavirus) का ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ रहा है। अब तक जिले में कोरोना के चलते 106 मौत हो चुकी हैं और 2992 कोरोना के एक्टिव केस हैं। इन दिनों मुख्य डाकघरों में बनाने का कार्य चल रहा है, जो कोरोना संक्रमण के खतरे को बढ़ा रहा है, क्योंकि मेरठ के प्रधान डाकघर के दो डाकिए और और एक आवेदक कोरोना पॉजिटिव मिलने से हड़कंप मच गया है।
एक सप्ताह से मेरठ कैंट स्थित मुख्य डाकघर व शहर के प्रधान डाकघर और कचहरी परिसर डाकघर में आधार कार्ड बनवाने वाले आवेदकों की भीड़ उमड़ी हुई है। कोरोना के खतरे को भांपते हुए मुख्य डाकघर सीनियर पोस्ट मास्टर ने पहले ही प्रशासन को सूचित कर दिया था कि डाकघर कोरोना की बड़ी चेन न बन जाएं। ऐसे में डाकघरों में टोकन के जरिए प्रतिदिन 25 आधार कार्ड बनाने की व्यवस्था की गई। टोकन लेने के लिए सुबह तीन बजे से डाकघरों के बाहर लाइन लगने लगी। लेकिन कोरोना संक्रमण का खतरा जस का तस रहा।

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए डाकघरों में आधार कार्ड बनवाने आए लोगों का कोरोना टेस्ट किया जा रहा है। इसी टेस्ट के चलते कल एक आवेदक और प्रधान के डाकिए कोरोना संक्रमित पाए गए, जो एक चिंता का विषय है। सुरक्षा की दृष्टि से दो दिनों के लिए प्रधान डाकघर बंद कर दिया गया है।

डाकघर से संक्रमण की चेन न बन जाए, इसके लिए अब डाकघरों में हर तीन दिन बाद कोरोना जांच शिविर लगाया जाएगा। जिसमें डाकघर में आने वाले प्रत्येक आवेदक की जांच की जाएगी। कोरोना के संक्रमण का खतरा बैंक, सरकारी अस्पताल और पुलिस ऑफिस में भी कम नहीं है।

बीते कल मेरठ मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर समेत तीन कर्मचारी, एक सरकारी बैंक का कर्मचारी, पुलिस एसपी की पत्नी-बच्चे, पुलिस ट्रेनिंग सेंटर कर्मचारी व तीन कैदी भी कोरोना संक्रमण से ग्रस्त पाए गए हैं। आधार कार्ड बनवाने के लिए पोस्ट ऑफिसों में मारामारी बड़ी मुसीबत का सबब हो सकती है। यदि सरकार पहले की तरह बैंकों में आधार बनाने की सुविधा कर दें तो डाकघरों में भीड़ न उमड़े।



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