rakshabandhan | त्योहार राखी का, बजट आपका!
हर वर्ग में मने राखी का त्योहार
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NDत्योहार मनाना सभी को अच्छा लगता है पर क्या करें? सभी की यही चाहत होती है कि वे भी बाजारों के अनुरूप सजे सामानों से अपने घर का हर त्योहार मना सकें। लेकिन यह हर मध्यमवर्गीय परिवार के लिए मुमकिन नहीं होता है। आदमी चाहता तो बहुत कुछ लेकिन कर कुछ नहीं पाता क्योंकि दिनोंदिन बढ़ती महँगाई से लोगों का जीना दूभर हो गया है। और ऐसे में जब सर पर त्योहार आ जाते है तो मानो ऐसा लगता है जैसे आपके सिर पर तलवार लटक रही हो। इस बढ़ती महँगाई के दौर में बच्चों और परिवार की कई बातों को नजरअंदाज करना पड़ता है।
जो लोग बिजनेसमैन है, अच्छा खासा कमा रहे है, उन लोगों को त्योहारों पर कोई फर्क नहीं पड़ता। उनके सारे त्योहार वैसे ही मनते है जैसे रोज घर में दिवाली हो। जिन लोगों की आमदनी ठीक-ठाक है, वे भी अपनी रोजमर्रा की जिंदगी से थोड़ा-सा बचाकर अपना त्योहार तो मना ही लेते है।
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NDऐसे समय में बड़ा ही सोच का विषय तब बन जाता है जब आपके घर में चार-पाँच बहन-बेटियाँ हो और त्योहार के मद्देनजर आपको सभी को कुछ न कुछ देना हो। तब खर्चे का सामंजस्य बिठाना बहुत मुश्किल हो जाता है। इस समय आप हिम्मत ना हारते हुए कुछ खास बातों का ध्यान रखकर त्योहार का आनंद उठा सकते है।
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ND- बच्चा अगर ज्यादा ऊँची और महँगी ड्रेस या राखी खरीदने की माँग कर रहा हो तो उसका ध्यान थोड़ा डायवर्ट करके उसे कम कीमत की चीज लेने के लिए समझाएँ।
- आजकल बाजारों में त्योहारों के मौके पर कई सेल लगी होती है। आप वहाँ जाकर अपनी बजट के अनुसार चीजों का चयन करके अपनी बहन-बेटियों को गिफ्ट दे सकती है।
- बड़े-बड़े शॉपिंग मॉल्स में कई चीजें एक पर एक फ्री भी होती है। मौके का फायदा उठाकर आप दो चीजों को लेकर अलग-अलग गिफ्ट दे सकती है।
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ND- ननद या बहन के छोटे-छोटे बच्चों के लिए छोटी-छोटी चीजें जैसे रूमाल, चुडि़याँ, बिंदी के पत्ते आदि गिफ्ट भी खरीद सकते है। जिससे बच्चों को त्योहार का आनंद दुगुना हो जाएगा।
इस बातों पर थोड़ा-सा गौर फरमाकर आप महँगाई के इस दौर में भी त्योहार का सही लुफ्त उठा सकते हैं।

