चैत्र नवरात्रि को कहते हैं सेहत की नवरात्रि, जानिए क्यों

अनिरुद्ध जोशी| Last Updated: बुधवार, 25 मार्च 2020 (14:55 IST)
‍चैत्र नवरात्रि को की नवरात्रि भी कहा जाता है। दरअसल, यह समय मौसम परिवर्तन का होता है। ऐसे में सावधानियां रखकर नवरात्रि के नियमों का पालन करेंगे तो निरोगी बने रहकर सेहत भी बनाकर रख पाएंगे। आओ जानते हैं कि आखिर इस नवरात्रि को सेहत की नवरात्रि क्यों कहा जाता है।

1. व्रत का पालन : कई लोग नवरात्रि में व्रत रखते हैं। कुछ पूर्णव्रत रखते हैं तो कुछ एक समय भोजन करते हैं। लगातर नौ दिनों तक व्रत रखने से भी शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलने लगते हैं। यह सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद है। व्रत रखने से शरीर के अंदर से कोलेस्ट्राल की मात्रा कम होती है, जिससे आपकी बॉडी के साथ ही दिल और बाकी अंगों की फिटनेस बढ़ती है।


2. उत्तम आहार : कई लोग इस दौरान फलाहारी रहते हैं तो कुछ लोग खिचड़ी खाकर नौ दिन उपवास करते हैं। और पौष्टिक पदार्थों का सेवन पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है, जिसे आपको कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं से निजात मिलती है। फलों में कई तरह के विटामिन, प्रोटीन, मिनरल आदि होते हैं जो कि शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं।

3. व्रत प्रतिबंध : व्रत रखने के दौरान यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार का नशा करता है कि वह इस दौरान नशा नहीं करता है। व्रत में आप शराब, सिगरेट एवं अन्य धूम्रपान संबधी चीजों का सेवन नहीं करते हैं जिससे बिगड़ती सेहत पर कंट्रोल होता है और नुकसान से भी बचते हैं।


4. मानसिक स्वास्थ : इन दिनों व्यक्ति पूजा पाठ, आरती आदि धार्मिक कार्य करता है। इससे उसे मानसिक शांति मिलती है और तनाव दूर होता है। सेहत के लिए मानसिक और आत्मिक शांति जरूरी होती है। इससे अतिरिक्त ऊर्जा मिलती है।

5. सेहत को बनाते ये पदार्थ : व्रत रखने के दौरान व्यक्ति नमक, खटाई, अधिक तेल, लहसुन, प्याज, शक्कर, चाय, कॉफी, अधिक मीठी वस्तुओं का सेवन न करते हुए सेंधा नमक, नींबू पानी, नारियल पानी, अनानास जूस, सिंघाड़े का आटा, कद्दू का आटा, ड्राइ फ्रूट्स, नीम, शहद, श्रीखंड, गुड़, नीम के कोमल पत्ते, काली मिर्च, हींग, जीरा मिश्री और अजवाइन का उपयोग करता है जो कि सेहत के लिए बहुत ही लाभदायक होते हैं।


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