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Last Modified: मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026 (15:01 IST)

लोकसभा में राहुल गांधी का सरकार पर बड़ा प्रहार, US ट्रेड डील पर भी सवाल, सदन में उछाले गए कागज

rahul gandhi in loksabha
Rahul Gandhi Lok Sabha Speech: लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को भी राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार पर बड़ा हमला बोला। लद्दाख में चीन की घुसपैठ और 26 पेट्रोलिंग पॉइंट्स पर भारतीय नियंत्रण खोने के दावों को दोहराते हुए राहुल ने प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाए।
 
इतना ही नहीं, उन्होंने अमेरिका के साथ हालिया 'ट्रंप-मोदी ट्रेड डील' को लेकर भी सरकार को घेरा और आरोप लगाया कि भारत की विदेश नीति बाहरी दबाव में काम कर रही है। राहुल के इन आरोपों के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त नारेबाजी और हंगामा देखने को मिला। पीठासीन स्पीकर की चेयर की ओर विपक्षी सदस्यों ने कागज भी उछाले। ALSO READ: राहुल गांधी का पीएम मोदी पर बड़ा हमला- कहां गई 56 इंच की छाती? अब तो पूरी सरकार डरी हुई है

फिर उठाया चीन का मुद्दा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज फिर अपने भाषण में चीन का मुद्दा उठाया। इस मु्द्दे को उठाने के बाद सदन में फिर हंगामा हो गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने जिस मैग्जीन को कोट किया था, उसको उन्होंने 'ऑथेंटिकेट' कर दिया है। इसके बावजूद उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है। राहुल ने कहा कि वह मैग्जीन का जिक्र नहीं कर रहे हैं लेकिन उनको बोलने दिया जाना चाहिए। राहुल ने कहा कि पीएम मोदी पर बहुत दवाब है। इस कारण उनको संसद के भीतर राष्ट्रपति के अभिभाषण पर नहीं बोलने दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में उनको बोलने से रोकने के पीछे बड़ी साजिश रची जा रही है। ALSO READ: नरवणे की वो डायरी... संसद में राहुल गांधी ने डोकलाम पर ऐसा क्या कहा कि भड़क गए राजनाथ?

क्या कहा किरेन रिजिजू ने?

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि गांधी एक ही बात को बार-बार दोहरा रहे हैं। इससे सदन का समय बर्बाद हो रहा है। रिजिजू ने स्पीकर की बैठक में हुई चर्चा का जिक्र करते हुए कहा कि सदन अन्य विषयों पर वक्ताओं को सुनने के लिए तैयार है, इसलिए इस मुद्दे को नहीं उठाना चाहिए।

बोलने का अधिकार दिया जाना चाहिए

इसके बाद राहुल गांधी को बोलने से रोक दिया गया। आसन ने अगले वक्ताओं के नाम पुकारने शुरू कर दिए। इससे नाराज राहुल गांधी ने फिर से नरवणे की किताब का मुद्दा उठाते हुए कहा कि विपक्ष के नेता के तौर पर उन्हें बोलने का अधिकार दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन और ईस्टर्न लद्दाख में भारतीय सैनिकों की शहादत का मुद्दा महत्वपूर्ण है। पीठासीन अधिकारी कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने उनकी बात आगे बढ़ने से रोकते हुए नरेश उत्तम पटेल समेत अन्य वक्ताओं के नाम पुकारे।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 
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