भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सियासी बवाल, राहुल गांधी के आरोप से गरमाई संसद
राहुल ने कहा कि नरेंद्र मोदी पर दबाव है, भयंकर दबाव है। नरेंद्र मोदी की इमेज का गुब्बारा फूट सकता है। हमारे प्रधानमंत्री को कॉम्प्रोमाइज कर दिया गया है। किसने किया है, कैसे किया है ये देश की जनता को सोचना है?
उन्होंने कहा कि अमेरिका में अडानी पर एक केस है। वो अडानी को नहीं नरेंद्र मोदी के वित्तीय ढांचे को टारगेट कर रहा है। एपस्टीन फाइल्स में अभी और माल है जो अभी रिलीज नहीं हुआ है।
इससे पहले राहुल ने लोकसभा में कहा कि राष्ट्रपति के भाषण में एक बहुत ही ज़रूरी मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। पाकिस्तानियों, चीनियों और हमारे बीच संबंध। इस लेख में एक बहुत ही जरूरी बात है जिसे मैंने वेरिफाई किया है। इसमें PM के रिएक्शन के बारे में बताया गया है... हमारे राष्ट्रपति का भाषण उस रास्ते के बारे में था जो भारत को अपनाना है।
उन्होंने कहा कि आज दुनिया के मंच पर, अंतरराष्ट्रीय मामलों में मुख्य मुद्दा चीन और अमेरिका के बीच टकराव है। यह हमारे राष्ट्रपति के भाषण का मुख्य हिस्सा है। मैं बस इतना कह रहा हूं कि मुझे चीन और भारत के बीच क्या हुआ और हमारे PM ने इस पर कैसे रिएक्शन दिया, इस बारे में बयान देने दें। मुझे क्यों रोका जा रहा है? BJP सांसदों ने राहुल गांधी के इस मुद्दे पर बोलने पर आपत्ति जताई।
स्पीकर ने कई बार उन्हें राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने के लिए कहा, आखिर में स्पीकर ने दूसरे सदस्यों को बोलने के लिए आमंत्रित किया। जिसके बाद विपक्ष की तरफ से जोरदार हंगामा किया गया। भारी हंगामे को देखते हुए स्पीकर लोकसभा की कार्रवाई दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
edited by : Nrapendra Gupta