भाजपा कार्यकर्ताओं को पीएम मोदी का नया मंत्र, बताया क्या है पार्टी का लक्ष्य

Last Updated: शुक्रवार, 20 मई 2022 (12:15 IST)
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जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दुनिया में भारत के प्रति एक विशेष भावना जागृत हुई है और वह देश की ओर बहुत उम्मीदों से देख रही है। उन्होंने कहा कि ठीक इसी प्रकार देश की जनता भाजपा के प्रति एक विशेष स्नेह रखती है और उसकी ओर बहुत उम्मीद से देख रही है। उन्होंंने कार्यकताओं को बताया कि पार्टी का लक्ष्य क्या है?

भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की तीन दिवसीय बैठक के उद्घाटन सत्र को वीडियो कांफ्रेंस के जरिये संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा भले ही अभी तक की अपनी राजनीतिक यात्रा के शिखर पर हो लेकिन उसका मूल लक्ष्य भारत को ऊंचाई पर पहुंचाना है, जिसका सपना देश की आजादी के लिए मर मिटने वालों ने देखा था।

उन्होंने कहा कि आज निराशा नहीं, आशा और अपेक्षा का युग है। आज भारत के लोग आकांक्षाओं से भरे हैं। आज हिंदुस्तान का हर नागरिक नतीजे चाहता है और सरकारों को काम करते हुए देखना चाहता है। वह अपनी आंखों के सामने परिणाम प्राप्त करना चाहता है। राजनीतिक नफा नुकसान से अलग, मैं इसे जनमानस में आया बहुत बड़ा सकारात्मक परिवर्तन मानता हूं।
मोदी ने कहा, 'दुनिया में भारत के प्रति किस तरह की विशेष भावना जागृत हुई है, यह हम सब देख रहे हैं। दुनिया आज भारत को बहुत उम्मीदों से देख रही है। ठीक वैसे ही भारत में भाजपा के प्रति जनता का एक विशेष स्नेह अनुभव हो रहा है। देश की जनता को भाजपा पर बहुत विश्वास है। वह बहुत उम्मीद से भाजपा की ओर देख रही है।'
आजादी की 100वीं वर्षगांठ की यात्रा में बचे 25 सालों का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि इस अमृत काल में देश ने अपने लिए लक्ष्य तय किए हैं और भाजपा के लिए यह समय इन लक्ष्यों के लिए निरंतर काम करने का है। उन्होंने कहा कि देश के लोगों की जो उम्मीदें हैं, हमें उन्हें पूरा करना है। देश के सामने जो चुनौतियां हैं, उन्हें हमें देश के लोगों के साथ मिलकर पार करना है। विजय के संकल्प के साथ आगे बढ़ना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले देश के लोगों में निराशा का माहौल था और सरकारों से उनकी उम्मीदें समाप्त हो गई थीं लेकिन 2014 में हुए आम चुनाव में देश की जनता ने एक नया इतिहास लिखने का फैसला किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज 18 राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं, 400 से अधिक उसके सांसद हैं और राज्यसभा में भी वर्षों के बाद वह 100 के आंकड़े को छूने जा रही है लेकिन इसके बावजूद चैन से बैठने का हमारा कोई हक नहीं है।
उन्होंने कहा कि हमें सत्ता भोग ही करना होता तो भारत जैसे विशाल देश में कोई भी सोच सकता है, अरे इतना सारा मिल गया... अब तो बैठो... आराम करो ...जी नहीं, यह रास्ता हमारे लिए नहीं है। यह रास्ता हमें मंजूर ही नहीं है।

मोदी ने कहा कि जिन्होंने देश और पार्टी के लिए अपना जीवन खपा दिया है वह भाजपा के कार्यकर्ताओं को आराम करने की इजाजत नहीं देते।

उन्होंने कहा कि इतनी अच्छी विजय पताका फहर रही है लेकिन आज भी, हम अधीर और बेचैन हैं, क्योंकि हमारा मूल लक्ष्य भारत को उस ऊंचाई पर पहुंचाना है, जिसका सपना देश की आजादी के लिए मर मिटने वालों ने देखा था।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से ही वंशवाद और परिवार वाद ने देश का कितना भयंकर नुकसान किया है। परिवारवादी पार्टियों ने देश में भ्रष्टाचार को, धांधली को, भाई-भतीजा वाद को, इसी को आधार बनाकर देश का बहुत मूल्यवान समय बर्बाद किया है।

पीएम मोदी ने कहा कि हम देख रहे हैं कि आज कुछ पार्टियों का इकोसिस्टम पूरी शक्ति से देश को मुख्य मुद्दों को भटकाने में लगा हुआ है। हमें कभी ऐसी पार्टियों के जाल में नहीं फंसना है। हमें कभी कोई शॉर्ट-कट नहीं लेना है। हमें देशहित से जुड़े जो भी बुनियादी विषय हैं, जो Core-Issues हैं उन्हीं पर आगे बढ़ना है। और ये Core-Issues क्या हैं? गरीब का कल्याण, गरीब का जीवन आसान बनाने के लिए, गरीब को सशक्त करने के लिए हमें लगातार काम करना है।



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