राजनीति 100 मीटर की दौड़ नहीं... भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन का बड़ा बयान
Nitin Naveen becomes BJP president: भाजपा का अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन (BJP president Nitin Nabin) ने भावुक होते हुए कहा कि हम ऐसे राजनीतिक दल से जुड़े हैं, जहां राजनीति सत्ता नहीं, बल्कि साधना है। यह भोग नहीं, त्याग है, ऐशो-आराम नहीं, तपस्या है। मेरे लिए यह पदभार नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ा उत्तरदायित्व है।
मोदी के चरणों में नतमस्तक नितिन
उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को धन्यवाद देते हुए कहा कि भाजपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जहां मुझ जैसे एक साधारण कार्यकर्ता को पार्टी के सर्वोच्च पद तक पहुंचने का अवसर मिला है। उन्होंने पीएम मोदी का आभार व्यक्त करते हुए खुद को उनके चरणों में 'नतमस्तक' बताया। युवाओं को राजनीति में आने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीति 100 मीटर की रेस नहीं है, यह एक लंबी मैराथन है। यहां स्पीड से ज्यादा धैर्य और स्टैमिना की परीक्षा होती है।
मैं आज इस अवसर पर पार्टी के सभी पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों का स्मरण करता हूं और यहां मौजूद पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों का अभिवादन करता हूं।
— BJP (@BJP4India) January 20, 2026
उन्होंने पार्टी को यहां तक पहुंचाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है।
सुनिए, भाजपा के नव-निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin ने और क्या… pic.twitter.com/vqrMwXpuL4
युवा कार्यकर्ताओं को नबीन की नसीहत
नवनिर्वाचित भाजपा अध्यक्ष नितिन ने कहा कि युवाओं को 'शॉर्टकट' से बचना चाहिए और अपनी जड़ों को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने गुजरात के आनंद की एक पुरानी घटना का जिक्र किया, जहां उन्होंने पहली बार मोदी जी के साथ काम किया था। उन्होंने कहा कि उस दिन मैंने सीखा कि कोई इंसान तब महान बनता है जब वह लोगों की भावनाओं से गहराई से जुड़ता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा केवल चुनावी मशीन नहीं है, बल्कि 'नेशन फर्स्ट' (राष्ट्र प्रथम) की भावना के साथ काम करने वाला संगठन है। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों (विशेषकर बंगाल और यूपी) के लिए कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि संगठन हर चुनौती के लिए सक्षम है।
भाजपा अध्यक्ष नितिन ने किया नारों का उल्लेख
नितिन नबीन ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता कुछ नारों को जनसंघ के समय से गढ़ते थे- 'राम लला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे,' 'जहां हुए बलिदान मुखर्जी वह कश्मीर हमारा है', 'एक देश में दो विधान, दो निशान, दो प्रधान नहीं चलेगा।' भाजपा के कार्यकर्ताओं ने वह समय देखा जब अयोध्या में राम मंदिर का मार्ग प्रशस्त हुआ।
जम्मू-कश्मीर की जनता ने धारा 370 से मुक्ति का दौर देखा... जब हम श्रीनगर के लाल चौक में तिरंगा लहराते देखते हैं तो गर्व की अनुभूति होती है। हमने वह दौर भी देखा है जब पाकिस्तान के झंडे लहरा रहे थे और दिल्ली की सरकार मौन बैठी थी। जब 370 की समाप्ति हुई तो कश्मीर की फिज़ा बदली है। उन्होंने कहा कि मैं आज इस अवसर पर पार्टी के पूर्व के राष्ट्रीय अध्यक्षों का स्मरण करता हूं और उनका अभिवादन करता हूं।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala

