देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन तैयार, शुरू हुआ अंतिम परीक्षण, जानिए कब पकड़ेगी रफ्तार
Hydrogen Train : देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन बनकर तैयार हो गई है और इसे पटरी पर उतारने से पहले रेलवे की तकनीकी टीम ने मानकों के आधार पर अंतिम परीक्षण शुरू कर दिए हैं। हाइड्रोजन ट्रेन जीरो नाइस और जीरो पॉल्यूशन वाली अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। रेलवे की यह पहल न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है, बल्कि भविष्य के स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन का मजबूत मॉडल भी पेश करेगी। अनुमान है कि जींद से सोनीपत के बीच ट्रेन के 4 से 5 स्टॉपेज होंगे। किराया 5 से 25 रुपए के बीच हो सकता है।
खबरों के अनुसार, देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन बनकर तैयार हो गई है और इसे पटरी पर उतारने से पहले रेलवे की तकनीकी टीम ने मानकों के आधार पर अंतिम परीक्षण शुरू कर दिए हैं। हाइड्रोजन ट्रेन जीरो नाइस और जीरो पॉल्यूशन वाली अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। रेलवे की यह पहल न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है, बल्कि भविष्य के स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन का मजबूत मॉडल भी पेश करेगी।
अनुमान है कि जींद से सोनीपत के बीच ट्रेन के 4 से 5 स्टॉपेज होंगे। किराया 5 से 25 रुपए के बीच हो सकता है। ट्रेन के संचालन की तारीख भी फिलहाल घोषित नहीं की गई है। ट्रेन में 2600 से अधिक यात्री सफर कर सकेंगे। टेस्टिंग के दौरान ट्रेन को धीमी और मध्यम गति पर चला कर उपकरणों की कार्यक्षमता को रिकॉर्ड किया गया।
इस हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना के लिए जींद में 3 हजार किलोग्राम भंडारण क्षमता का देश का सबसे बड़ा हाइड्रोजन प्लांट स्थापित किया गया है। हाइड्रोजन ट्रेन के कोच आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। इनमें तापमान सेंसर, आधुनिक बायो टॉयलेट, वॉशबेसिन, नीले रंग के आरामदायक गद्दे, एलईडी लाइट पैनल और छत पर आधुनिक पंखे लगाए गए हैं।
ट्रेन का निर्माण इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ), चेन्नई में हुआ है। लखनऊ स्थित रेलवे के अभिकल्प, विकास एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) के तकनीकी अधिकारी फिलहाल ट्रेन संचालन को लेकर हर बारीक पहलू पर काम कर रहे हैं।
यह ट्रेन वंदेभारत को भी पीछे छोड़ देगी, क्योंकि इसकी खासियत यह है कि न तो डीजल से चलेगी और न ही बिजली से, यह पानी से चलेगी। भारत में जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन समेत कई देशों से अलग हाइड्रोजन ट्रेन चलेगी।
Edited By : Chetan Gour