लेह में चौथे दिन भी कर्फ्यू, पुलिस और सेना ने बढ़ाई गश्त, वांगचुक जोधपुर जेल में शिफ्ट
Curfew continues for fourth day in Leh : लद्दाख के हिंसा प्रभावित लेह शहर में शनिवार को चौथे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा। पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने एक दिन पहले राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के बाद गश्त और जांच तेज कर दी है। वांगचुक को राजस्थान की जोधपुर जेल में रखा गया है। जोधपुर जेल को सबसे सुरक्षित जेलों में गिना जाता है। पंजाब और कई आतंकवादियों को यहां रखा जा चुका है। वांगचुक को शुक्रवार दोपहर लेह से गिरफ्तार किया गया था।
खबरों के अनुसार, लद्दाख के हिंसा प्रभावित लेह शहर में शनिवार को चौथे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा। पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने एक दिन पहले राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के बाद गश्त और जांच तेज कर दी है। वांगचुक को राजस्थान की जोधपुर जेल में रखा गया है।
जोधपुर जेल को सबसे सुरक्षित जेलों में गिना जाता है। पंजाब और कई आतंकवादियों को यहां रखा जा चुका है। जोधपुर सेंट्रल जेल पहुंचने पर सोनम वांगचुक की मेडिकल जांच की गई। उन्हें जेल के हाई सिक्योरिटी वार्ड में रखा गया है। यहां उनकी 24 घंटे सुरक्षा की जाएगी। वह सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेंगे। वांगचुक को लाने और जेल में कैद करने की प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय और सुरक्षा के घेरे में की गई।
वांगचुक को शुक्रवार दोपहर लेह से गिरफ्तार किया गया था। एक बयान में उपराज्यपाल के नेतृत्व वाले प्रशासन ने वांगचुक की हिरासत को उचित ठहराया और कहा कि नेपाल आंदोलन व अरब स्प्रिंग के संदर्भ वाले उनके भड़काऊ भाषणों के परिणामस्वरूप बुधवार को हिंसा हुई, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
बयान में कहा गया है कि शांतिप्रिय शहर लेह में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए वांगचुक की हिरासत जरूरी है। पिछले 24 घंटे में लद्दाख में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंध लगाए गए हैं।
उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता जल्द ही राजभवन में एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे और कर्फ्यू में ढील देने का कोई भी निर्णय उसी के अनुसार लिया जाएगा। फरार दंगाइयों को पकड़ने के लिए छापेमारी भी जारी है। फरार दंगाइयों में एक पार्षद भी शामिल है, जिसने हिंसा भड़काई थी।
झड़पों के बाद 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि करगिल समेत केंद्र शासित प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी पांच या उससे ज़्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय (डीआईपीआर), लद्दाख ने कहा, बार-बार यह देखा गया है कि वांगचुक राज्य की सुरक्षा के लिए हानिकारक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं और उनकी गतिविधियां शांति एवं सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए हानिकारक हैं।
Edited By : Chetan Gour