व्यापार बंद के दौरान बाजारों में नहीं हुआ कामकाज

Last Updated: शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2021 (23:02 IST)
नई दिल्ली। जीएसटी की खामियों को दूर करने, डीजल-पेट्रोल की कीमतें बढ़ने के खिलाफ व्यापारियों और ट्रांसपोटर्स ने आज भारत बंद का आह्वान किया है। मामले से जुड़ी हर जानकारी...

03:07PM, 26th Feb
-अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ ने शुक्रवार को कहा कि देश भर के बाजारों में वीरानी छायी रही तथा पूर्व से पश्चिम और उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक सभी राज्यों के व्यापारियों ने अपने व्यापार बंद रखे और केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और जीएसटी परिषद को कड़ा सन्देश दिया। देश भर में व्यापारी से व्यापारी और व्यापारी से उपभोक्ता का व्यापार पूरी तरह से बंद रहा।
-बयान में दावा किया गया है कि पूरे देश में लगभग आठ करोड़ व्यापारियों, एक करोड़ ट्रांसपोर्टरों, तीन करोड़ हॉकरों और लगभग 75 लाख छोटे उद्योगों ने अपना कारोबार बंद रखा।
-दिल्ली के कारोबारी संगठनों ने हालांकि व्यापार बंद में भाग नहीं लिया।
-व्यापार बंद में ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन, ऑल इंडिया एफएमसीजी प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन, ऑल इंडिया वूमेन एंटरप्रेन्योरर्स एसोसिएशन, हॉकर्स जॉइंट एक्शन कमेटी, ऑल इंडिया कंप्यूटर मीडिया डीलर्स एसोसिएशन, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया वेजिटेबल ऑयल डीलर्स एसोसिएशन, नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन और बड़ी संख्या पूरे देश में बड़ी संख्या में राष्ट्रीय और राज्य स्तर के संगठनों ने भाग लिया।
02:14PM, 26th Feb
-जीएसटी प्रणाली के प्रावधानों की समीक्षा की मांग को लेकर खुदरा व्यापारियों के संगठन कैट के शुक्रवार को आहूत भारत बंद का इंदौर में कुछ भी असर नजर नहीं आया और सभी प्रमुख बाजार रोज की तरह खुले रहे।
-स्थानीय व्यापारी संगठनों के एक महासंघ ने कैट के आह्वान को समर्थन देने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि कोविड-19 की पिछले एक साल से जारी मार के चलते पहले ही बड़ा घाटा झेल चुके कारोबारी अब अपने प्रतिष्ठान बंद रखना नहीं चाहते।
-कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के जिलाध्यक्ष मोहम्मद पीठावाला ने कहा, 'मध्यप्रदेश के अन्य शहरों में हमारे बंद का असर देखा गया। लेकिन इंदौर में राजनीतिक कारणों या अन्य किसी दबाव के चलते व्यापारी संगठनों ने बंद को समर्थन नहीं दिया।'
-कारोबारी संगठनों के महासंघ अहिल्या चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल ने कहा कि हम जीएसटी प्रणाली की विसंगतियों को लेकर सरकार के सामने अपना विरोध लम्बे समय से दर्ज करा रहे हैं। लेकिन हम इस मुद्दे पर फिलहाल किसी भी बंद का समर्थन नहीं करते।
12:19PM, 26th Feb
-मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भारत बंद का खासा असर देखने को मिल रहा है। भोपाल के थोक किराना बाजार जनकपुरी,जुमेराती, हनुमानगंज समेत कई इलाकों में बाजार पूरी तरह से बंद नजर आ रहे हैं।
-भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महासचिव अनुपम अग्रवाल बंद को पूरी तरह सफल बताते हुए कहते है कि GST की विसंगतियों के विरोध स्वरूप आज जनकपुरी,जुमेराती, हनुमानगंज के थोक  दाल,चावल,शक्कर, तेल, किराना थोक बाजार आज पूरे दिन बंद रहेंगे।
-वहीं न्यू मार्केट में भी व्यापारियों ने आज हड़ताल को अपना समर्थन देते हुए अपनी दुकानें बंद रखने का एलान किया है। व्यापारियों का कहना है कि GST की विसंगतियों और अब तक हुए संसोधनों से कानून व्यापारियों के लिए जी का जंजाल बन गया है। व्यापरियों ने मांग है कि सरकार जीएसटी का सरलीकरण करे जिससे कि व्यापारियों को परेशान नहीं किया जा सके। 
10:33AM, 26th Feb
-पश्चिम बंगाल का बिरभूम में ईंधन कीमतों में वृद्धि, ई वे बिल और GST के खिलाफ बुलाए गए बंद का असर दिखाई दिया। 
09:37AM, 26th Feb
-ओडिशा के भुवनेश्वर में दिखा बंद का असर।
 
09:36AM, 26th Feb
-व्यापारियों के संगठन कैट ने कहा है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के प्रावधानों की समीक्षा की मांग को लेकर बुलाए गए भारत बंद के मद्देनजर 26 फरवरी को देशभर में सभी वाणिज्यिक बाजार बंद रहेंगे।
-संगठन ने कहा कि हम देश के सभी किसानों से भारत बंद के प्रदर्शनकारियों का शांतिपूर्ण ढंग से समर्थन करने और बंद को सफल बनाने की अपील करते हैं।
-कैट के महासचिव प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि सभी राज्यों के 1,500 बड़े और छोटे संगठन जीएसटी संशोधन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करेंगे।
-कैट का दावा है कि भारत व्यापार बंद में 40,000 से अधिक व्यापारिक संगठनों के आठ करोड़ व्यापारी शामिल होंगे।
09:36AM, 26th Feb
बंद को इन संगठनों का समर्थन
देश के ट्रांसपोर्ट सेक्टर के सबसे बड़े संगठन ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने कैट के व्यापार बंद का समर्थन करते हुए देश भर में ट्रांसपोर्ट का चक्का जाम करने की भी घोषणा की है। इसके अलावा ऑल इंडिया एफएमसीजी डिस्ट्रिब्युटर्ज़ फेडरेशन, फेडेरेशन ऑफ अलूमिनियीयम यूटेंसिलस मैन्यूफैकचररस एंड ट्रेडर्ज एसोसिएशन, नार्थ इंडिया स्पाईसिस ट्रेडर्स एसोसिएशन, आल इंडिया वूमेंन एंटेरप्रिनियर्स एसोसिएशन, ऑल इंडिया कम्प्यूटर डीलर एसोसीइएशन, आल इंडिया कॉस्मेटिक मनुफक्चरर्स एसोसिएशन, सीए एसोसिएशन समेत कई संगठनों ने बंद का समर्थन किया है।
 
संयुक्त किसान मोर्चा की अपील : दिल्ली की सीमाओं पर नये कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने किसानों से परिवहन एवं श्रमिक संघों द्वारा बुलाए गए 'भारत बंद' में शांतिपूर्ण तरीके से भाग लेने की अपील की।
09:35AM, 26th Feb
इन सेवाओं पर नहीं पड़ेगा असर
होलसेल एवं रिटेल बाजार पूरी तरह से बंद रहेंगे। ट्रांसपोर्ट्स ने 26 फरवरी को हड़ताल और चक्का जाम करने की घोषणा की है। आवश्यक सेवाओं मसलन दवा की दुकानों, दूध और सब्जी की दुकानों को बंद से बाहर रखा गया है। बैंक सेवाएं भी बंद से प्रभावित नहीं होगी।
09:35AM, 26th Feb
ये संगठन बंद के खिलाफ
वहीं फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव वी के बंसल ने कहा कि कुछ मांगों के समर्थन में हम दुकानें बंद करने के पक्ष में नहीं हैं। हालांकि, हमारा मानना है कि पिछले 43 माह के दौरान जीएसटी अपने मूल उद्देश्य से भटक गया है।
 
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल दिल्ली के महासचिव राकेश यादव ने कहा कि हम बंद का समर्थन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके संगठन ने सरकार को जीएसटी से संबंधित मुद्दों पर ज्ञापन दिया है।



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