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लगातार तीसरे दिन भी अमरनाथ यात्रा स्थगित, खराब मौसम के कारण हजारों तीर्थयात्री फंसे
Amarnath Yatra : बारिश और भूस्खलन के कारण पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों से अमरनाथ यात्रा लगातार तीसरे दिन शनिवार को भी स्थगित रही। इससे जम्मू समेत यात्रा के विभिन्न स्थानों पर हजारों तीर्थयात्री फंस गए।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने तीर्थयात्रियों को आश्वस्त किया कि वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और उन्होंने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया कि वे घबराएं नहीं व समय-समय पर अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।#WATCH | Jammu & Kashmir: Amarnath Yatra temporarily suspended due to bad weather; visuals from Jammu base camp
— ANI (@ANI) July 9, 2023
Amarnath Yatra began on July 1 and will conclude on August 31, 2023. pic.twitter.com/cbxpsSY18t
प्रधानमंत्री कार्यालय में केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने ट्वीट किया, 'मैंने व्यक्तिगत रूप से उत्तरी कमान के सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल (उपेंद्र) द्विवेदी और अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सीईओ डॉ. मंदीप भंडारी से बात की है। दोनों वरिष्ठ अधिकारी स्वयं स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।'
जम्मू-कश्मीर के बड़े हिस्से में गुरुवार रात से भारी बारिश हो रही है, जबकि महागुन टॉप और अमरनाथ गुफा मंदिर के आसपास के इलाकों सहित कई ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई है। कुछ स्थानों पर जुलाई में 24 घंटों की अवधि में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई।Amarnath Yatra suspended for the time being, on account of inclement weather. Efforts are being made to evacuate the stranded Yatris as soon as the weather shows even slightest improvement. We are
— Dr Jitendra Singh (@DrJitendraSingh) July 8, 2023
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जम्मू के संभागीय आयुक्त रमेश कुमार ने कहा कि जम्मू क्षेत्र में लगभग 15,000 तीर्थयात्री फंसे हुए हैं और उन्होंने पांच जिलों के उपायुक्तों को आवास क्षमता बढ़ाने और आपातकालीन संचालन केंद्रों (ईओसी) को सक्रिय करने का निर्देश दिया है।
जम्मू और रामबन जिलों में लगभग 6000-6000 लोगों, सांबा में 1200, कठुआ में 1100 और उधमपुर जिलों में 600 लोगों को 'यात्री निवास' में ठहराया गया है।
मौसम विभाग ने कहा कि रविवार को जम्मू-कश्मीर के अधिकांश इलाकों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है, लेकिन जम्मू संभाग के कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश की संभावना है।
मौसम विभाग ने मॉनसूनी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के कारण 10 से 14 जुलाई तक बादल छाए रहने की संभावना जताई है, शाम या सुबह के समय कुछ स्थानों पर रुक-रुक कर गरज के साथ बारिश होगी।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है और सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। उन्होंने कहा कि हर दिन दो बार यात्रा की समीक्षा की जाती है। हम प्रति घंटा रिपोर्ट लेते हैं। मुझे उम्मीद है कि कल से मौसम में सुधार होगा और यात्रा फिर से शुरू हो सकेगी।
दक्षिण कश्मीर हिमालय में 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस गुफा मंदिर की 62 दिवसीय वार्षिक तीर्थयात्रा एक जुलाई को अनंतनाग जिले के पहलगाम और गांदरबल जिले के बालटाल से शुरू हुई, जो 31 अगस्त को समाप्त होगी। अब तक 80,000 से अधिक तीर्थयात्री पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन कर चुके हैं।
Edited by : Nrapendra Gupta
