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तपोवन टनल के अंदर 130 मीटर हिस्से से 2 शव मिले, खतरनाक झील पर SDRF की नजर
जोशीमठ। उत्तराखंड स्थित तपोवन की जिस टनल में पिछले 7 दिनों से इसमे फंसे लोगों को खोजने में एजेंसियां जुटी हैं उसके 130 मीटर हिस्से से 2 शव खोजी दल को मिले हैं जिनको एनडीआरएफ बाहर निकला है, शवों की अभी शिनाख्त नहीं हो सकी है।
दूसरी तरफ झील बनने से संभावित खतरे पर नजर रखने को पैंग, तपोवन व रैणी में एसडीआरएफ की एक-एक टीम तैनात की गई है। दूरबीन, सैटेलाइट फोन व पीए सिस्टम से लैस एसडीआरएफ की टीमें किसी भी आपातकालीन स्थिति में आसपास के गांव के साथ जोशीमठ तक के क्षेत्र को सतर्क कर देंगी।
अलर्ट सिस्टम से ऐसी स्थिति में नदी के आस पास के इलाकों को 5 से 7 मिनट में तुरंत खाली कराया जा सकता है।
एसडीआरफ के दलों ने रैणी गांव से ऊपर के गांव के प्रधानों से भी समन्वय स्थापित किया है।
जल्द ही 2-3 दिनों में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में अर्ली वार्निंग सिस्टम लगा दिया जाएगा जिससे पानी का स्तर डेंजर लेवल पर पहुंचने पर आम जनमानस को सायरन के बजने से खतरे की सूचना मिल जाएगी। इस बारे में एसडीआरफ की ये टीमें ग्रामीणों को जागरूक भी कर रही है।
दूसरी तरफ झील बनने से संभावित खतरे पर नजर रखने को पैंग, तपोवन व रैणी में एसडीआरएफ की एक-एक टीम तैनात की गई है। दूरबीन, सैटेलाइट फोन व पीए सिस्टम से लैस एसडीआरएफ की टीमें किसी भी आपातकालीन स्थिति में आसपास के गांव के साथ जोशीमठ तक के क्षेत्र को सतर्क कर देंगी।
एसडीआरफ के दलों ने रैणी गांव से ऊपर के गांव के प्रधानों से भी समन्वय स्थापित किया है।
जल्द ही 2-3 दिनों में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में अर्ली वार्निंग सिस्टम लगा दिया जाएगा जिससे पानी का स्तर डेंजर लेवल पर पहुंचने पर आम जनमानस को सायरन के बजने से खतरे की सूचना मिल जाएगी। इस बारे में एसडीआरफ की ये टीमें ग्रामीणों को जागरूक भी कर रही है।
