नागदेवता से जुड़ीं 20 प्रचलित मान्यताएं जानिए

Nagpanchami 2020
Nagdev Ki 20 Baten
हिन्दू धर्म के अनुसार भगवान शिव ने सांप को अपने गले में डालकर और विष्णुजी ने शेष शयन करके के महत्व को दर्शाया है।

वैदिक युग से ही नाग पूजा का प्रारंभ माना जाता है इसीलिए नाग जाति का इतिहास भारत के प्राचीन गौरव का प्रतीक है। भारतीय जनमानस में नाग से जुड़ीं कुछ मान्यताएं प्रचलित हैं, लेकिन इनमें कितनी सच्चाई है यह भी आज भी खोज का विषय बना हुआ है।
यहां पाठकों के लिए प्रस्तुत हैं नाग देवता से जुड़ी 20 खास मान्यताएं-

1. नागलोक होता है, जहां नाग मानव रहते हैं।

2. इच्छाधारी नाग होते हैं, जो रूप बदल सकते हैं।

3. कुछ दुर्लभ नागों के सिर पर मणि होती है।

4. नागों की स्मरण शक्ति तेज होती है।

5. 100 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद नागों में उड़ने की शक्ति हासिल हो जाती है।

6. 100 वर्ष की उम्र के बाद नागों में दाढ़ी-मूंछ निकल आती है।

7. नाग किसी के भी शरीर में आ सकते हैं।

8. नाग-नागिन बदला लेते हैं।

9. नाग प्रजाति का अजगर दूर से ही किसी को भी अपनी नाक से खींचने की ताकत रखता है।

10. नाग खुद का बिल नहीं बनाता, वह चूहों के बिल में रहता है।

11. नाग जमीन के अंदर गढ़े धन की रक्षा करता है। इसे 'नाग चौकी' कहा जाता है।

12. नागों में मनुष्य को सम्मोहित कर देने की शक्ति होती है।

13. नाग संगीत सुनकर झूमने लगते हैं।

14. नाग को मारना या नागों की लड़ाई या नाग-नागिन का प्रेम में लिप्त जोड़ा देखना पाप है।

15. कुछ नाग पांव वाले होते हैं।

16. गुप्त धन की रक्षा के लिए भी नागदेवता की तस्वीर या धातु से बनी प्रतिमा की पूजा की जाती है।

17.घर में सुख-शांति के लिए नागपंचमी के दिन अष्टधातु का कड़ा पहनने की मान्यता है।

18. नागदेवता को प्रसन्न करने के लिए नागपंचमी की पूजा की जाती है।

19. बड़े सांप, नाग आदि शिव का अवतार माने जाते हैं।

20. नाग की केंचुल दरवाजे के ऊपर रखने से घर को नजर नहीं लगती।

नोट : प्राप्त जानकारी के आधार पर संकलित।



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