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क्या चुनावी राज्य मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद होना एमजे अकबर को पड़ा भारी?
भोपाल। मीटू में फंसे विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर का इस्तीफा क्या चुनाव की सियासी मजबूरी के चलते हुआ। क्या एमजे अकबर को चुनावी राज्य मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद होना उनके लिए महंगा साबित हुआ।
ये सवाल इसलिए खड़ा हुआ है क्योंकि 2014 में बीजेपी में शामिल होने वाले एमजे अकबर चुनावी राज्य मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। एमजे अकबर को बीजेपी ने 2016 में मध्यप्रदेश से राज्यसभा में भेजा था। अकबर उस विभाग के राज्यमंत्री थे, जिसकी कैबिनेट मंत्री विदिशा से सांसद सुषमा स्वराज हैं।
महिलाओं के आरोपों से एमजे अकबर के घिरने के बाद कांग्रेस इस पूरे मामले को लेकर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर हो गई थी। वहीं कांग्रेस अब इस पूरे मुद्दे को चुनाव में जोर-शोर से उठाने की तैयारी कर रही थी। मध्यप्रदेश में भी कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर बीजेपी को घेरने की तैयारी कर रही थी। मध्यप्रदेश में पहले से ही महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस हमलावर है।
कांग्रेस मीडिया सेल की अध्यक्ष शोभा ओझा ने अकबर के इस्तीफे को महिलाओं की जीत बताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश जो पहले से ही महिलाओं के ऊपर होने वाले अपराध में नंबर वन है, उसके नेता बेशर्मी से अकबर का बचाव कर रहे थे। वहीं कांग्रेस अब और ज्यादा हमलावर होते हुए एमजे के प्रदेश से राज्यसभा सांसद होने पर भी सवाल उठा रही है।