शिवराजसिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

भोपाल (वार्ता)| वार्ता|
मध्यप्रदेश के 13वें में भारतीय जनता पार्टी को ऐतिहासिक विजय दिलाने वाले ने शुक्रवार को अपराह्न यहाँ मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

राज्यपाल डॉ. बलराम जाखड़ ने पर आयोजित भव्य समारोह में करीब चार बजकर 45 मिनट पर चौहान को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। राज्य में यह पहला अवसर है कि जब भाजपा ने लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल की है। चौहान ने अपने दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ग्रहण की है। समारोह का संचालन मुख्य सचिव राकेश साहनी ने किया।

इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, जसवंतसिंह, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, पार्टी अध्यक्ष राजनाथसिंह, पूर्व अध्यक्ष वेंकैया नायडू, महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी अनंत कुमार, महासचिव थावरचंद गहलोत, रविशंकर प्रसाद, सचिव प्रभात झा, प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्रसिंह तोमर, प्रदेश संगठन महामंत्री माखनसिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा, कैलाश जोशी, वरिष्ठ नेता प्यारेलाल खण्डेलवाल, सांसद, विधायक और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
मंच पर विभिन्न धर्मों के साधु-संत भी विराजमान थे। समारोह में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन राजग द्वारा शासित उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खण्डूरी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमनसिंह, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीशकुमार एवं उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाशसिंह बादल भी उपस्थित थे। चौहान ने शपथ लेने के पूर्व वरिष्ठ नेताओं का आशीर्वाद लिया।
इसके अलावा राज्यभर से आए हजारों कार्यकर्ताओं का हुजूम विशेष रूप से बनाए गए पंडाल और मैदान के आसपास उपस्थित था। चौहान समेत वरिष्ठ पार्टी, नेता पुष्पों से सजे भव्य मंच पर विराजमान थे।

चौहान के शपथ ग्रहण करते ही भाजपा कार्यकर्ताओं के नारों और हर्ष ध्वनि से आसमान गूँज उठा। भगवा रंग में रंगे वातावरण में कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। मैदान में मौजूद कुछ कार्यकर्ताओं ने कुर्सियाँ उठाकर फेंकना शुरू कर दिया। कुछ उत्साही कार्यकर्ता अतिविशिष्ट व्यक्तियों की दीर्घा में घुस गए। ऐसे उत्पातियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करना पड़ी।
चौहान ने अकेले ही शपथ ग्रहण की। मंत्रिमंडल का गठन शीघ्र किया जाएगा। शपथ ग्रहण समारोह स्थल जम्बूरी मैदान वही जगह है, जहाँ भाजपा ने गत 25 सितम्बर को पार्टी कार्यकर्ताओं का विशाल सम्मेलन आयोजित कर विजय संकल्प लिया था।

लगभग 90 फुट के विशाल और फूलों से सजे मंच के दोनों ओर 50 हजार से ज्यादा कुर्सियाँ लगाई गई थीं तथा मंच के सामने अतिथियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। श्रीमती चौहान, श्रीमती कमला आडवाणी, सुश्री प्रतिभा आडवाणी भी दीर्घा में मौजूद थीं।
प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत की झाँकी दिखाई : शपथ ग्रहण समारोह में नृत्य, गीत, संगीत का भी आयोजन किया गया, जहाँ मशहूर संगीतकार रवीन्द्र जैन ने देशभक्ति पूर्ण गीतों को स्वर दिया, वहीं राज्य के बुंदेलखण्ड अंचल के प्रसिद्ध बधाई, गणगौर नृत्य, अखाड़ा, मालवा का मटकी, नृत्यमंडला के मशहूर कर्मा एवं सेला नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति के साथ मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत की रंगबिरंगी झाँकी पेश की गई।
राज्य के संसदीय इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ, जब गैरकांग्रेसी सरकार लगातार दूसरी बार सत्ता में आई है। यह भी एक कीर्तिमान है कि राज्य में पहली बार किसी गैरकांग्रेसी सरकार ने पूरे पाँच वर्ष तक शासन चलाया।



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