मंचीय कविता की गंगा-जमुनी तहजीब कल रात यहाँ और समृद्ध होती दिखी, जब आध्यात्मिक गुरु और रामकथा वाचक मुरारी बापू ने उर्दू के मशहूर शायर राहत इंदौरी के एक गजल संग्रह के हिन्दी संस्करण का विमोचन किया।
राहत ने एक जनवरी को जीवन के साठ वर्ष पूरे किए हैं। उनके गजल संग्रह ‘नाराज’ के हिन्दी संस्करण का विमोचन करते हुए मुरारी बापू ने कहा, ‘राम वही है, जो राहत दे। जो आहत करता है, वह रावण होता है।’ गजल संग्रह के विमोचन के बाद राहत को साठ बरस पूरे करने पर बधाई देने के लिये एक मुशायरा भी हुआ।
इसमें रवींद्र जैन, मुनव्वर राना, वसीम बरेलवी, माणिक वर्मा और मेराज फैजाबादी जैसे नामी कलमकारों ने एक से एक रचनाएं पेश कीं और समाँ बाँध दिया। (भाषा)
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