हवाई सपने और हवा में नेता
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अनवर जे अशरफ, पटनाचुनाव आते हैं तो जनता को हवाई सपने दिखाने का मौका भी आता है। ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचने की होड़ और वक्त की कमी। ऐसे में नेताओं को उड़नखटोले का सहारा लेना पड़ रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान पटना का हवाई अड्डा सुबह-सुबह हेलिकॉप्टरों के टैक्सी स्टैंड की तरह दिखता है। हेलिकॉप्टरों के रात भर सुस्ताने के बाद सुबह-सुबह हेलीपैड तैयार है। पटना हवाई अड्डे के विशेष हैंगर पर कतार लगाए हेलिकॉप्टरों की साफ सफाई, सुरक्षा जाँच और ईंधन तेल भरने का काम चल रहा है। हर रोज हेलिकॉप्टरों को कई बार उड़ना उतरना होता है और इसके लिए पूरी तैयारी की जाती है। पवनहंस से लेकर डेक्कन एवीएशन और किंगफिशर तक सभी कंपनियों ने अपने हेलिकॉप्टर चुनाव प्रचार के लिए झोंक दिए हैं।उधर, चुनावी मौसम में नेताओं को सुस्ताने तक का मौका नहीं मिल पा रहा है। रेलमंत्री और आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव लंबे चुनाव प्रचार के बाद देर रात लगभग तीन बजे पटना लौटे हैं, लेकिन सुबह एयरपोर्ट हैंगर पर पहुँचने वाले वह पहले नेता हैं। आठ बजे अपने पवनहंस हेलिकॉप्टर में सवार हो चुके हैं। घर पर अखबार पढ़ने का वक्त नहीं मिला। लिहाजा हेलिकॉप्टर पर बैठे-बैठे सुर्खियों पर नजर मार रहे हैं।नारंगी रंग का पवनहंस रेलमंत्री को तेजी से पवन में उड़ा ले गया और पीछे छोड़ गया धूल का गुबार। हैंगर पर जमा लालू के कार्यकर्ता और साउंडबाइट जुटाने के चक्कर में जुटे पत्रकार एक बार फिर धूप से बचने के लिए ओट की तलाश करने लगे। दिल्ली से आए टेलीविजन पत्रकार अपने एयरकंडीशन कारों में बैठ गए, तो पटना के लोकल प्रेसवाले किसी चबूतरे पर बैठ अगले हेलिकॉप्टर सवार का इंतजार करने लगे। (चित्र-अनवर जे अशरफ)