विधानसभा हारे पर केन्द्र में मंत्री बने

नई दिल्ली| भाषा|
केन्द्र की डॉ. मनमोहनसिंह की सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल होने वाले राजस्थान प्रदेश कांगेस अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने दिसंबर में हुए राजस्थान विधानसभा चुनाव में एक वोट से पराजित होने के बावजूद हिम्मत नहीं हारी और जनादेश को स्वीकार करते हुए अगला सफर जारी रखा।

डॉ. जोशी नाथद्वारा विधानसभा सीट से सिर्फ एक मत से पराजित हो गए थे। लोकसभा चुनावों में डॉ. जोशी ने भीलवाड़ा लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरकर भाजपा उम्मीदवार वीवी सिंह को एक लाख से अधिक मतों से पराजित किया।

डॉ. जोशी ने भाजपा द्वारा खुद के बाहरी प्रत्याशी समेत अन्य आरोपों को दरकिनार करते हुए अपना चुनाव प्रचार जारी रखा ओर अन्तत: फतह हासिल की।
29 जुलाई 1950 को राजसमंद जिले के कुआरिया गाँव में भूदेव प्रसाद जोशी के घर जन्मे डॉ. जोशी ने उदयपुर विश्वविद्यालय से एमएससी (भौतिक शास्त्र), एम, पीएचडी (मनोविज्ञान), एलएलबी की डिग्रियाँ ली और फिर मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर में मनोविज्ञान के प्रोफेसर नियुक्त हुए।

जोशी सातवीं, आठवीं और बारहवीं राजस्थान विधानसभा के सदस्य रहे। इस दौरान वे तीन बार मंत्री रहे। कांग्रेस महासचिव राहुल गाँधी के नजदीकी जोशी ने 26 सितंबर, 2007 को राजस्थान प्रदेश कांगेस अध्यक्ष का कार्यभार संभाला।
जोशी राजस्थान विश्वविद्यालय सिंडिकेट तेंदू पत्ता सलाहकार समिति बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट उदयपुर विश्वविद्यालय के सदस्य भी रहे। जोशी मौजूदा समय में अखिल भारतीय कांगेस कमेटी के सदस्य भी हैं।-भाषा



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