Last Modified: हरिद्वार (वार्ता) ,
गुरुवार, 9 अगस्त 2007 (14:52 IST)
शरद पवार के खिलाफ मुकदमा
मामला विश्व कप में भारत की हार का
विश्वकप से पहले किए लंबे चौड़े दावों को पूरा करने में नाकाम रहने पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष शरद पवार और राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों के खिलाफ यहाँ की एक अदालत में मुकदमा किया गया है।
हरिद्वार के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विंध्याचल सिंह ने अधिवक्ता अरुण भदौरिया की इस याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है।
भदौरिया ने अपनी याचिका में कहा कि वेस्टइंडीज में विश्वकप में खेलने वाले देश के क्रिकेटरों और पवार ने टूर्नामेंट से पहले किए दावे पूरा नहीं करके देशवासियों को धोखा दिया और उनकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है।
याचिका में कहा गया कि खिलाड़ियों ने विश्वकप जीतने की झूठी उम्मीदें बंधाई। इस तरह टीम इंडिया ने जनता की भावनाओं से खिलवाड़ किया और उन्हें धोखा दिया।
इस शोर-शराबे से प्रभावित होकर अनेक क्रिकेट प्रेमियों ने टेलीविजन सेट खरीदे, लेकिन विज्ञापनों से मोटी कमाई करने वाले खिलाड़ियों ने बहुत ही निराशाजनक और शर्मनाक प्रदर्शन किया।
उन्होंने पवार पर टीम के चयन में असावधानी बरतने और मामले से सही ढंग से नहीं निपटने का आरोप लगाया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने शिकायतकर्ता और उनके गवाहों को 13 अगस्त को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया।