जडेजा ने किया विंडीज के बल्लेबाजों का बुरा हाल, बन गया यह रिकॉर्ड
तिरुवनंतपुरम। टीम इंडिया के फिरकी गेंदबाज रविंद्र जडेजा गुरुवार को विंडीज के खिलाफ मैच में पूरी तरह लय में नजर आए। उन्होंने विंडीज के 4 बल्लेबाजों को पैवेलियन का रास्ता दिखाया। इससे मेहमान टीम की बल्लेबाजी की कमर टूट गई और पूरी टीम 31.5 ओवर में मात्र 104 रन बनाकर आउट हो गई। भारत ने मात्र 14.5 ओवर में एक विकेट खोकर विजयी लक्ष्य हासिल कर लिया।
10वें ओवर में जब जडेजा गेंदबाजी के लिए आए तो उस समय विंडीज का स्कोर 2 विकेट पर 30 रन था और सैम्युअल्स तथा पॉवेल मैदान में जमते दिखाई दे रहे थे। यही से उन्होंने मेहमान टीम की कब्र खोदने का का काम शुरु कर दिया।
बहरहाल, जडेजा ने अपने दूसरे ही ओवर में सैम्युअल्स (24 रन) को पैवेलियन का रास्ता दिखाया। जडेजा एक ऐसे गेंदबाज हैं, जो बल्लेबाजों पर हावी होने की कला जानते हैं। जैसे ही उन्हें सैम्युअल्स का विकेट मिला। उनके हौंसले बुलंद हो गए और इस जोशिले गेंदबाज ने टीम विंडीज पर दबाव बना दिया।
इसी का नतीजा था कि तूफानी बल्लेबाज सिमरोन हैटमायर (9) भी 16वें ओवर में उनका आसान शिकार बने। इन 2 बल्लेबाजों के आउट होने से विंडीज टीम को बड़ा झटका लगा और भारतीय गेंदबाजों ने देखते ही देखते मैच पर अपनी पकड़ बना ली।
जडेजा के करिश्माई प्रदर्शन के बाद खलील अहमद भी रंग में आ गए और उन्होंने विंडीज के 2 बल्लेबाजों का शिकार किया। जसप्रीत बुमराह ने भी बहती गंगा में हाथ धोते हुए एलन फेबियन को पैवेलियन भेज दिया। कुलदीप ने कीमो पॉल का विकेट लिया।
इसके बाद रवींद्र जडेजा की गेंदों का जादू सिर चढ़कर बोला। उन्होंने 32वें ओवर में केमर रोच और ओशाने थॉमस को आउट करके विंडीज को वनडे में उसके न्यूनतम स्कोर (104 रन) पर समेट दिया। इससे पहले विंडीज की टीम 1997 में पोर्ट ऑफ स्पेन में 121 रन पर सिमट गई थी। 1993 में कोलकाता यह टीम 123 रन पर सिमट गई था।
लेखक के बारे में
नृपेंद्र गुप्ता
नृपेंद्र गुप्ता पिछले 21 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं। प्रिंट एवं डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य का अनुभव। वर्तमान में वेबदुनिया की न्यूज टीम में सहायक संपादक के रूप में कार्यरत हैं।
अनुभव : नृपेंद्र गुप्ता 2 दशक से ज्यादा समय से प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में कार्य....
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