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Written By ND

मातृभाषा-पितृभाषा

मातृभाषा पितृभाषा स्पैक्ट्रम
ND

राजू अपनी बहन से : दीदी हमारी भाषा को मातृभाषा क्यों कहते हैं पितृभाषा क्यों नहीं?
बहन : क्योंकि हमारी माँ बहुत बोलती है और पापा चुप रहते हैं।
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टीचर आशीष से : जब मैं पढ़ा रहा था तो तुम बात कर रहे थे।
आशीष : नहीं सर आपको कोई गलतफहमी हुई होगी। मैं सोते हुए बिलकुल बात नहीं करता हूँ।
एक बार एक समाचार पत्र में एक विज्ञापन छपा। विज्ञापन में लिखा था कि कल जिस व्यक्ति ने रेलवे स्टेशन से मेरा पर्स चुराया है उसे मैंने पहचान लिया है बेहतर होगा कि वह पर्स खुद लौटा दे।

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राजू पिताजी से : पिताजी मुझे कार दिलवा दीजिए ना।
पिताजी : बेटा जिद नहीं करते। भगवान ने हमें दो पैर किसलिए दिए हैं?
राजू : एक पैर ब्रेक लगाने के लिए और दूसरा एक्सीलेटर दबाने के लिए।
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एक बार एक समाचार पत्र में एक विज्ञापन छपा। विज्ञापन में लिखा था कि कल जिस व्यक्ति ने रेलवे स्टेशन से मेरा पर्स चुराया है उसे मैंने पहचान लिया है बेहतर होगा कि वह पर्स खुद लौटा दे।
- दूसरे दिन अखबार में एक दूसरा विज्ञापन छपा कि कल मैं स्टेशन के बाहर ही मौजूद रहूँगा जिसका पर्स गुम हुआ है वह आकर ले जाए।
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