शुक्रवार, 12 अप्रैल 2024
  • Webdunia Deals
  1. समाचार
  2. टेक्नोलॉजी
  3. आईटी न्यूज़
  4. Telecom Bill 2023 passed in the Parliament: 10 big ways it impacts mobile users and telecom companies
Written By
Last Modified: शनिवार, 23 दिसंबर 2023 (19:13 IST)

Telecom Bill 2023 : टेलीकॉम बिल की 10 बातें, मोबाइल यूजर्स को भी करेंगी प्रभावित

Telecom Bill 2023 : टेलीकॉम बिल की 10 बातें, मोबाइल यूजर्स को भी करेंगी प्रभावित - Telecom Bill 2023 passed in the Parliament: 10 big ways it impacts mobile users and telecom companies
Telecom Bill 2023:  लोकसभा के बाद अब राज्यसभा में भी टेलीकम्यूनिकेशन बिल 2023 पास कर दिया गया है। इस बिल का मोबाइल यूजर्स पर भी प्रभाव पड़ेगा। जानिए टेलीकॉम बिल 2023 की 10 बड़ी बातें- 
 
1. इस बिल में टेलीकॉम कंपनियों को ग्राहकों को सिम कार्ड जारी करने से पहले अनिवार्य रूप से बायोमेट्रिक पहचान करने को कहा गया है। बिल में फर्जी सिम लेने पर 3 साल जेल और 50 लाख तक जुर्माने का भी प्रावधान है।
 
2. इस बिल में ओवर-द-टॉप सर्विसेज (OTT प्लेटफॉर्म) जैसे ई-कॉमर्स, ऑनलाइन मैसेजिंग को टेलीकॉम सर्विसेज की परिभाषा से बाहर रखा गया है।
 
3. पिछले साल जब टेलीकम्युनिकेशन बिल का ड्राफ्ट पेश किया गया था तो उसमें ओटीटी सर्विसेज भी दायरे में थी, जिसे लेकर खूब हंगामा हुआ था। बाद में सरकार ने इसे बिल से हटा दिया है। 
 
4. नया टेलीकम्युनिकेशन बिल 138 साल पुराने भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम को रिप्लेस करेगा। साथ ही ये बिल TRAI एक्ट 1997 को भी संशोधित करेगा।
 
5. बिल में यह भी प्रस्तावित किया गया है कि सरकार को प्रशासनिक तौर पर सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटित करने का अधिकार दिया जाना चाहिए। अब तक टेलीकॉम कंपनियों ने नीलामी में हिस्सा लिया है और स्पेक्ट्रम जीतने के लिए बोलियां पेश की हैं।
 
6. बिल में ट्राई अध्यक्ष की भूमिका के लिए निजी क्षेत्र के कॉर्पोरेट अधिकारियों की नियुक्ति की अनुमति देने का भी प्रावधान है।
 
7. इस बिल से लाइसेंसिंग सिस्टम में भी बदलाव आएगा। मौजूदा समय में सर्विस प्रोवाइडर्स को विभिन्न प्रकार की सर्विसेज के लिए अलग-अलग लाइसेंस लेना पड़ता है. लेकिन इस बिल के कानून बनते ही लाइसेंसिंग में एकरूपता आएगी। 
 
8. नए टेलीकॉम बिल में यह भी प्रावधान किया गया है कि ग्राहकों को गुड्स, सर्विसेज के लिए विज्ञापन और प्रमोशनल मैसेज भेजने से पहले उनकी सहमति लेनी होगी. टेलीकॉम सर्विसेज देने वाली कंपनी को एक ऑनलाइन मैकेनिज्म बनाना होगा, जिससे यूजर्स अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकें।
 
9. इस बिल में टेलीकॉम स्पेक्ट्रम के एडमिनिस्ट्रेटिव एलॉकेशन का प्रावधान है, जिससे सर्विसेज की शुरुआत में तेजी आएगी।
 
10. कानून के आलोचकों का आरोप है कि इस बिल से ट्राई केवल रबर स्टांप बनकर रह जाएगा, क्योंकि यह बिल रेगुलेटर की शक्तियों को काफी हद तक कमजोर कर देता है।
ये भी पढ़ें
क्‍यों अमृता प्रीतम के किस्‍सों में छलक आते हैं इमरोज़?