क्या शेयर बाजार बंद होते ही ट्रंप करेंगे ईरान पर 'फाइनल अटैक'? इजरायल जमीनी जंग को तैयार
Trump Iran Attack: मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव अब अपने सबसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। खुफिया सूत्रों और व्हाइट हाउस के गलियारों से छनकर आ रही खबरों ने पूरी दुनिया की धड़कनें बढ़ा दी हैं। दावा किया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ 'अंतिम प्रहार' (Final Attack) का मन बना चुके हैं। चर्चा है कि यह हमला ठीक उस वक्त हो सकता है जब न्यूयॉर्क का वॉल स्ट्रीट शेयर बाजार बंद होगा।
बाजार बंद होते ही धमाकों की गूंज?
रणनीतिकारों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन ने पिछले 48 घंटों में ईरान के परमाणु ठिकानों, तेल रिफाइनरियों और रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के मुख्य कमांड सेंटरों की सटीक मैपिंग कर ली है। हमले के लिए बाजार बंद होने का समय इसलिए चुना जा सकता है ताकि ग्लोबल इकोनॉमी और अमेरिकी स्टॉक मार्केट पर तत्काल 'पैनिक सेल' का असर न पड़े। हालांकि, ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने ईरान को 6 अप्रैल तक का अल्टीमेटम भी दिया है, लेकिन इजरायल की आक्रामक तैयारी कुछ और ही इशारा कर रही है।
इजरायल का 'ग्राउंड वॉर' सिग्नल : 50000 सैनिक तैनात
हवाई हमलों के बीच अब इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) ने जमीनी लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। IDF चीफ ऑफ स्टाफ ने स्पष्ट किया है कि वे केवल आसमान से बमबारी तक सीमित नहीं रहेंगे।
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सैनिकों की तैनाती : गाजा और लेबनान बॉर्डर पर 50,000 से ज्यादा अतिरिक्त सैनिक भेज दिए गए हैं।
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स्पेशल ऑपरेशन्स : खबर है कि इजरायल की स्पेशल यूनिट्स सीरिया और लेबनान के रास्ते ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के ठिकानों को तबाह करने के लिए घुसपैठ की तैयारी में हैं।
क्यों आर-पार के मूड में हैं ट्रंप?
ट्रंप ने हाल ही में ईरान को दुनिया की शांति के लिए 'सबसे बड़ा खतरा' करार दिया था। इसके पीछे मुख्य कारण हैं:
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होर्मुज की खाड़ी में तनाव : ईरान द्वारा तेल टैंकरों को निशाना बनाना और स्ट्रैट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को बंद करने की धमकी।
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परमाणु कार्यक्रम : खुफिया रिपोर्ट है कि ईरान महज 3-4 महीनों में परमाणु हथियार तैयार कर सकता है।
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इजरायल पर हमले : पिछले कुछ हफ्तों में इजरायल पर ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमलों में भारी इजाफा हुआ है।
ग्लोबल मार्केट में खलबली : कच्चा तेल $110 के करीब
युद्ध की आहट ने पहले ही बाजारों को हिला दिया है। ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के लगभग हैं। अगर शुक्रवार रात हमला होता है, तो कल सुबह दुनिया भर के बाजारों में सोने की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल और डिफेंस सेक्टर के शेयरों में तेजी देखी जा सकती है।
क्या होगा अगला कदम?
पेंटागन और व्हाइट हाउस में हलचल तेज है। हालांकि ट्रंप ने बातचीत के लिए थोड़ा समय देने की बात कही है, लेकिन जानकारों का मानना है कि यह केवल 'शांति से पहले का सन्नाटा' हो सकता है। क्या ट्रंप वाकई शेयर बाजार की घड़ी देखकर युद्ध शुरू करेंगे? या यह ईरान पर दबाव बनाने की आखिरी कूटनीतिक चाल है? पूरी दुनिया की नजरें अब अगले कुछ घंटों पर टिकी हैं।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
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