बीमार बेटे से पड़ोसी परेशान, छोड़ना पड़ा घर
लॉस एंजिल्स। अमेरिका में एक भारतीय दंपति को उस वक्त अपना घर छोड़ने को मजबूर होना पड़ा जब उनके पड़ोसियों ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर आरोप लगाया कि मनोरोग से जूझ रहा उनका बेटा लोगों के लिए परेशानी का सबब है। इस घटना ने अमेरिका में ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के माता-पिता को आक्रोशित कर दिया है।
सिलिकॉन वैली स्थित एक कंपनी में इंजीनियर विद्युत गोपाल और नासा एमेस शोध केंद्र में शोध वैज्ञानिक पारूल अग्रवाल को कैलिफोर्निया की सनीवैले सिटी स्थित अपना वह मकान छोड़ने को मजबूर होना पड़ा है जिसमें वे सात साल से रह रहे थे।
दि सैन जोस मक्र्यरी न्यूज ने गुरुवार को अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि जब पड़ोसियों ने विद्युत और पारूल से शिकायत की कि उनका बेटा बच्चों के बाल खींचता है, एक महिला को दांत गड़ा दिया और इसी तरह का अजीबोगरीब बर्ताव करता है, तो भारतीय दंपति ने अपने बेटे का ख्याल रखने वाले लोगों की भर्ती की, उसका विशेष इलाज कराया और उसे ऐसी कक्षाओं में भेजा जिससे वह सामान्य व्यवहार कर सके।
अखबार के मुताबिक, सिलिकॉन वैली में रह रहे इस दंपति पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया जिसमें उनके बेटे को परेशानी का सबब करार दिया गया। इस मुकदमे के बाद दंपति को आखिरकार अपना सात साल पुराना घर छोड़ने को मजबूर होना पड़ा।
विद्युत और पारूल जहां कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं, वहीं ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के माता-पिता इस घटना से आक्रोशित हो गए हैं। इस घटना ने यह सवाल पैदा कर दिया है कि ऐसे पड़ोसियों के साथ किस तरह रहा जाए जिनके बच्चों को विशेष ध्यान की जरूरत है।
विद्युत ने बताया, 'यह हमारे लिए झकझोर देने वाला अनुभव है, लेकिन इससे उबरने के लिए हम पूरी कोशिश कर रहे हैं।' विद्युत और पारूल के खिलाफ उनके घर के बगल में रहने वाले दो दंपतियों की ओर से पिछली गर्मी में मुकदमा दाखिल किया गया था। (भाषा)