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झारखंड के CM सोरेन ने हूल दिवस पर शहीद सिदो-कान्हू को दी श्रद्धांजलि, बोले- क्रांति की आग कभी बुझती नहीं, उसकी चिंगारी हमेशा जीवित रहती है
Chief Minister Hemant Soren : अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ 1855 में संथाल हूल का बिगुल फूंकने वाले अमर शहीद सिदो-कान्हू और उनके साथियों को हूल दिवस के अवसर झारखंड में श्रद्धापूर्वक याद किया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन सहित कई लोगों ने रांची स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर महान क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अमर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद कहा कि हूल की मशाल बुझी नहीं है, वह आज भी हमें अन्याय के विरुद्ध डटकर खड़े होने और न्याय, सम्मान तथा अधिकार की लड़ाई को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देती है।
अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ 1855 में संथाल हूल का बिगुल फूंकने वाले अमर शहीद सिदो-कान्हू और उनके साथियों को हूल दिवस के अवसर झारखंड में श्रद्धापूर्वक याद किया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन सहित कई लोगों ने रांची स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर महान क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अमर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद कहा कि हूल की मशाल बुझी नहीं है, वह आज भी हमें अन्याय के विरुद्ध डटकर खड़े होने और न्याय, सम्मान तथा अधिकार की लड़ाई को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देती है।
हूल केवल इतिहास नहीं, अन्याय के विरुद्ध हमारी चेतना है...
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) June 30, 2026
तेहेञ हुल माहां रे बिर बान्टा सिदु कान्हु, चाँद-भैरो आर फूलो झानो सांवते संताल हुल रिन सानाम दिलगारिया कोठेन इञाक् हुल जोहार। तेहेञाक् नोंकान ओकतो रे इञ आबो रिन नुकू हुलगारिया रिन आयो बाबा चुनू मुर्मू आर सुबी हांसदा तीकीन… pic.twitter.com/jsKlLiv6w2
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अमर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद कहा कि हूल की मशाल बुझी नहीं है, वह आज भी हमें अन्याय के विरुद्ध डटकर खड़े होने और न्याय, सम्मान तथा अधिकार की लड़ाई को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने कहा कि हूल केवल इतिहास नहीं, अन्याय के विरुद्ध हमारी चेतना है। हूल विद्रोह ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। सोरेन ने कहा कि जिस दौर में शोषित समाज के सामने प्रतिरोध का कोई रास्ता नहीं दिख रहा था, उस समय सिदो-कान्हू, चांद-भैरव तथा वीरांगनाओं फूलो-झानो ने परिणाम की चिंता किए बिना अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंका।
उन्होंने कहा कि झारखंड वीरों की धरती है और यहां के जननायकों का इतिहास सदैव स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौर में जब देश में शोषण के खिलाफ कोई रास्ता दिखाई नहीं दे रहा था, तब आदिवासी समाज के वीरों ने साहस दिखाते हुए अंग्रेजी हुकूमत और शोषणकारी व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोला।
हूल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सोरेन ने सभी लोगों से अपील की कि वे इन महान विभूतियों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज के कमजोर वर्गों के हित में कार्य करें।
