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'हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं', PoK में प्रदर्शनकारियों का ऐलान, आखिरी अल्टीमेटम से उड़ी शाहबाज और मुनीर की नींद
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन मंगलवार को और तेज हो गए। प्रदर्शनकारियों ने खुलकर इस्लामाबाद के अधिकार को चुनौती देते हुए कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर, पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बयान रावलाकोट के ईदगाह ग्राउंड में आयोजित एक बड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान दिया गया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि आवश्यक खाद्य सामग्री और राशन की आपूर्ति बाधित की गई तो वे अपने अस्तित्व के लिए 'दूसरे रास्ते' अपनाने को मजबूर होंगे। प्रदर्शनकारियों ने तानाशाही के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है।
नहीं बर्दाश्त करेंगे सामूहिक सजा
रावलाकोट के ईदगाह ग्राउंड में सैकड़ों लोग खाद्य संकट, महंगाई और खराब प्रशासन के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तान सरकार जानबूझकर राशन और जरूरी सामान की आपूर्ति रोककर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
प्रदर्शनकारियों ने लगाए सामूहिक सजा देने के आरोप
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए PoK के नेता सरदार अमन खान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान सरकार आम नागरिकों को सामूहिक रूप से सजा देने के उद्देश्य से जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति बाधित कर रही है। उन्होंने कहा कि हमें आपके राशन की जरूरत नहीं, बल्कि आपको हमारी जरूरत है।
अगर खाद्य आपूर्ति बंद रही तो लोग अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए दूसरे रास्ते तलाशेंगे। यह आंदोलन जम्मू-कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में चल रहा है। पाकिस्तान सरकार ने इसी महीने आतंकवाद निरोधी कानूनों के तहत इस संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बावजूद पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के कई इलाकों में प्रदर्शन लगातार जारी हैं।
रक्षा मंत्री के बयान से बढ़ा विवाद
हाल ही में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने रावलाकोट और मीरपुर के लोगों को वास्तविक कश्मीरी नहीं" बताया था। उनके इस बयान के बाद स्थानीय नेताओं और लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली, जिससे इस्लामाबाद और स्थानीय नेतृत्व के बीच तनाव और बढ़ गया।
आतंकवाद विरोधी कानून के तहत कार्रवाई
रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में यह आंदोलन महंगाई, खाद्य संकट और बेहतर प्रशासन की मांग को लेकर शुरू हुआ था, लेकिन अब पाकिस्तान सरकार इसे सुरक्षा चुनौती के रूप में देख रही है। बताया जा रहा है कि सरदार अमन खान समेत अवामी एक्शन कमेटी के कई नेताओं के खिलाफ आतंकवाद निरोधी कानून के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। इससे आंदोलन से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी और व्यापक कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।
इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित
रिपोर्ट्स के मुताबिक जून की शुरुआत से ही पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के कई इलाकों में इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगा हुआ है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार आंदोलन की तस्वीरें और वीडियो दुनिया तक पहुंचने से रोकने के लिए इंटरनेट बंद कर रही है।
लगातार जारी प्रदर्शन और सुरक्षा बलों के साथ टकराव के कारण कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रभावित इलाकों में खाद्य सामग्री की कमी की भी खबरें हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले दो सप्ताह में हुई झड़पों में कम से कम 22 लोगों की मौत हो चुकी है। Edited by : Sudhir Sharma
