दिवाली के बाद इंदौर में वायरल बुखार का विस्फोट, MY समेत कई अस्पतालों में मरीजों की कतार, क्या कहते हैं डॉक्टर्स | Indore news viral fever
इंदौर में दिवाली के बाद वायरल बुखार और मौसदी सर्दी- खांसी का विस्फोट हुआ है। प्रदेश के सबसे बडे अस्पताल एमवाय, जिला अस्पताल समेत प्राइवेट क्लिनिक पर मरीजों की लंबी कतारें नजर आ रही हैं। अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या डेढ़ गुना तक पहुंच गई है।
शहर के डॉक्टरों ने मरीजों के साथ ही सामान्य नागरिकों को ठंडी वस्तुओं से बचने और गर्म पानी पीने के साथ ही व्यायाम और पर्याप्त नींद की सलाह दी है। डॉक्टरों ने बताया कि यह मौसमी बीमारियों का विस्फोट है।
दरअसल, शहर में मौसम के लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। सर्दी, जुकाम और बुखार जैसी मौसमी बीमारियों ने लोगों को घेर लिया है। तबीयत बिगड़ने पर लोग सीधे अस्पतालों का रुख कर रहे हैं, जिसके चलते अस्पतालों की ओपीडी (OPD) में लगभग डेढ़ गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस सप्ताह एमवायएच, जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों में वायरल का प्रकोप स्पष्ट दिखा, जिससे बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। कई मरीजों को भर्ती करने की नौबत भी आ रही है।
दरअसल, तापमान में हो रहे बदलाव को चिकित्सक बीमारियों का कारण बता रहे थे, लेकिन दीपावली के त्योहार के बीच यह स्थिति और गंभीर हो गई। पहले से ही मच्छर जनित बीमारियां बढ़ रही थीं, अब सर्दी के कारण जुकाम और शरीर में जकड़न के मरीज बढ़ गए हैं। इसके साथ ही, प्रदूषण के कणों के हवा में मिलने से बीमारियों की संख्या बढ़ गई है।
क्या कहा डॉक्टरों ने : शहर के एमवायएच में मरीजों की भीड़ पहुंच रही है। यहां पर ओपीडी एक हजार के पार पहुंच रही है। यह सामान्य दिनों की तुलना में डेढ़ गुना तक अधिक है। इनमें ज्यादातर मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार और छाती में जकड़न की समस्या लेकर पहुंचे हैं। एमजीएम के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने कहा कि मौसम बदलने से बीमारियां बढ़ रही हैं। लोगों को अपने खान-पान में बदलाव करते हुए गर्म पानी पीने की आदत डालनी चाहिए और ठंडी सामग्री से परहेज करना चाहिए। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने बताया कि मौसम को देखते हुए मरीजों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है और जरूरत पड़ने पर मरीजों को भर्ती भी किया जा रहा है।
डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ा : तापमान में गिरावट के साथ ही मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। पिछले कुछ दिनों में डेंगू और मलेरिया के मरीजों के ग्राफ में भी इजाफा हुआ है। मलेरिया विभाग इनकी मॉनिटरिंग कर रहा है। डॉ. अरविंद घनघोरिया ने वायरल के बढ़ते प्रकोप से बचने के लिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि अपने हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोएं, बाहरी भोजन से बचें, मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग करें और फुल बाजू के कपड़े पहनें। साथ ही, नियमित व्यायाम और नींद लेने की सलाह दी है।
Edited By: Navin Rangiyal
शहर के डॉक्टरों ने मरीजों के साथ ही सामान्य नागरिकों को ठंडी वस्तुओं से बचने और गर्म पानी पीने के साथ ही व्यायाम और पर्याप्त नींद की सलाह दी है। डॉक्टरों ने बताया कि यह मौसमी बीमारियों का विस्फोट है।
दरअसल, शहर में मौसम के लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। सर्दी, जुकाम और बुखार जैसी मौसमी बीमारियों ने लोगों को घेर लिया है। तबीयत बिगड़ने पर लोग सीधे अस्पतालों का रुख कर रहे हैं, जिसके चलते अस्पतालों की ओपीडी (OPD) में लगभग डेढ़ गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस सप्ताह एमवायएच, जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों में वायरल का प्रकोप स्पष्ट दिखा, जिससे बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। कई मरीजों को भर्ती करने की नौबत भी आ रही है।
क्या कहा डॉक्टरों ने : शहर के एमवायएच में मरीजों की भीड़ पहुंच रही है। यहां पर ओपीडी एक हजार के पार पहुंच रही है। यह सामान्य दिनों की तुलना में डेढ़ गुना तक अधिक है। इनमें ज्यादातर मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार और छाती में जकड़न की समस्या लेकर पहुंचे हैं। एमजीएम के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने कहा कि मौसम बदलने से बीमारियां बढ़ रही हैं। लोगों को अपने खान-पान में बदलाव करते हुए गर्म पानी पीने की आदत डालनी चाहिए और ठंडी सामग्री से परहेज करना चाहिए। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने बताया कि मौसम को देखते हुए मरीजों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है और जरूरत पड़ने पर मरीजों को भर्ती भी किया जा रहा है।
डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ा : तापमान में गिरावट के साथ ही मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। पिछले कुछ दिनों में डेंगू और मलेरिया के मरीजों के ग्राफ में भी इजाफा हुआ है। मलेरिया विभाग इनकी मॉनिटरिंग कर रहा है। डॉ. अरविंद घनघोरिया ने वायरल के बढ़ते प्रकोप से बचने के लिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि अपने हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोएं, बाहरी भोजन से बचें, मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग करें और फुल बाजू के कपड़े पहनें। साथ ही, नियमित व्यायाम और नींद लेने की सलाह दी है।
Edited By: Navin Rangiyal
