शयन कक्ष हमारे घर का वह कक्ष होता है, जिसमें हम सोते हैं। परिवार में हर किसी का अलग-अलग शयन कक्ष होता है। वास्तु में इन अलग-अलग शयन कक्षों की दिशाएँ भी अलग-अलग बताई गई है। आइए जानते हैं कि किस व्यक्ति का शयन कक्ष किस दिशा में होना चाहिए -
मुख्य शयन कक्ष जिसमें घर का मुखिया सोता है- नैऋत्य कोण में रहे, तो अत्यंत शुभ होता है।
घर में अविवाहित कन्याओं तथा मेहमानों के लिए शयन कक्ष नार्थ-वेस्ट में होने चाहिए। इस दिशा में शयन कक्ष का आशय है- उनकी जल्द से जल्द घर से विदाई।