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Written By WD

आने वाला है कल नया दिन

नया साल
सीमा सिंघ
आने वाला है कल नया दिन लेकर एक जनवरी
देनी है आज विदाई हमको इकतीस दिसम्बर को

माफ करना खता जो तुमको नागवार गुजरा हो
आए हैं सजा ए माफी का इकरार तुमसे करने को

नई आशाएँ, नये सपने, बुनते हुए नए ताने-बाने
उम्मीदों के दीप जलाए, महफिल तेरी सजाने को

जहाँ हसरतों की कमी नहीं, वहाँ धुंधली किरण भी
चमक से अपनी रौशन करती अंधकार भगाने को

वंदन है अभिनन्दन है, नए पल का, स्वागत तो कर
आया सूरज सुबह उजली किरण संग तुझे जगाने को

भूल जा क्या गुस्ताखियाँ तुझसे हुईं तेरे साथ क्या हुआ
हो खुशी का हर पल मुबारक 'सीमा' तेरे संग जमाने को
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WD