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घोंचूजी की वसीयत
एक बार घोंचूजी वकील के पास गए और बोले - वकील साहब! मेरी वसीयत लिख दो, मैं मरने के बाद अपना सबकुछ यतीमखाने को दान करना चाहता हूं। वकील साहब - क्या-क्या हैं तुम्हारे पास? घोंचूजी - जी! एक बेटा और एक बेटी।