0

अभिनव प्रयोगों का नया हिन्दी इंटरनेट

गुरुवार,सितम्बर 10, 2015
0
1

मोबाइल के साथ उन्नति की उड़ान

गुरुवार,सितम्बर 10, 2015
मोबाइल पर हिन्दी के लिए समर्थन आने से हिन्दी वेब जगत को नया विस्तार मिला। मोबाइल के जरिए आज हर जेब में इंटरनेट है और साथ में हिन्दी भी। इंटरनेट के ताजा आँकड़े बताते हैं कि भारत में इंटरनेट के अधिकांश उपयोगकर्ता मोबाइल के द्वारा इसका उपयोग करते हैं।
1
2

सोशल मीडिया पर हिन्दी बयार

गुरुवार,सितम्बर 10, 2015
संवाद बनाए रखने के लिए, रिश्तों में रोमांच सजाए रखने के लिए और अनुभूतियों में ताजगी बनाए रखने के लिए आज सोशल मीडिया सबसे पसंदीदा विकल्प है। आंकड़ों का यह सच रोमांच और अचरज से भरा है कि व्हाट्सएप पर प्रत्येक सेकंड में करीब, 2,50,000 संदेश भेजे जाते ...
2
3

हिन्दी में वेब का पता–ठिकाना

गुरुवार,सितम्बर 10, 2015
वेबसाइटों का हिन्दीकरण होने के बावजूद उनके पते अंग्रेजी में लिखना बाध्यता थी। केवल हिन्दी जानने वाले इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के लिए यह समस्या थी कि वे वेबसाइट का पता कैसे टाइप करें।
3
4
इंटरनेट पर हिन्दी के उपयोग से हुई आसानी ने हर हिन्दीभाषी को दुनिया के सामने अपनी बात रखने का अवसर दिया और इस अवसर का माध्यम बनी ब्लॉगिंग। यूँ तो इंटरनेट पर ब्लॉग लिखने की सुविधा लंबे समय से थी लेकिन अंग्रेज़ी में ब्लॉग लिखना केवल प्रबुद्ध वर्ग का ...
4
4
5
इंटरनेट पर हिन्दी यूनिकोड के स्थापित होते ही हिन्दी इंटरनेट जगत तेज़ी से पैर फैलाने लगा और हर दिन हज़ारों नए हिन्दी पन्ने और उपयोगकर्ता जुड़ने लगे।
5
6

हिन्दी खोज इंजन का जन्म

गुरुवार,सितम्बर 10, 2015
यूनिकोड के आगमन के बाद किसी भी खोज इंजन के माध्यम हिन्दी की सामग्री को ढूँढना आज अत्यंत आसान है लेकिन कुछ वर्षों पहले यह काम अत्यंत जटिल था क्योंकि हिन्दी इंटरनेट की दुनिया अलग–अलग ट्रू–टाइप फ़ॉन्ट पर आधारित थी। सभी खोज इंजन रोमन लिपि पर आधारित थे ...
6
7

हिन्दी में चैटिंग की शुरुआत

गुरुवार,सितम्बर 10, 2015
याहू मैसेंजर जैसे चैट एप्लिकेशन अब तक भारत पहुँच तो चुके थे लेकिन उसमें हिन्दी लिखने की असुविधा के कारण लोकप्रिय नहीं हो रहे थे। हिन्दीभाषी अभी भी ऐसे चैट एप्लिकेशन की बाट जोह रहे थे जो उन्हें हिन्दी में लिखने–बोलने की सुविधा दे। इस माँग को पूरा ...
7
8
पश्चिमी देशों में ई-कॉमर्स (नेट पर होने वाले व्यापारिक लेन-देन) ने 1995 के आसपास आकार लेना शुरू कर दिया था लेकिन हिन्दी में यह लंबे समय तक एक स्वप्न ही रहा।
8
8
9

यूनिकोड से मिले हिन्दी को पंख

गुरुवार,सितम्बर 10, 2015
विंडोज़ 2000 के साथ हिन्दी यूनिकोड फ़ॉन्ट के आते ही मानो इंटरनेट पर हिन्दी को पंख लग गए। पारंपरिक ट्रू–टाइप फ़ॉन्ट के बंधन समाप्त हो गए और अब हिन्दी यूनिकोड में लिखे पाठ को किसी भी कंप्यूटर पर वैसे ही देखा जा सकता था जैसे अंग्रेज़ी के पाठ के साथ ...
9
10

विश्व का प्रथम हिन्दी पोर्टल

गुरुवार,सितम्बर 10, 2015
हिन्दी इंटरनेट जगत में 23 सितंबर 1999 एक क्रांति दिवस के रूप में आया जब विश्व के पहले हिन्दी पोर्टल वेबदुनिया डॉट कॉम की शुरुआत हुई। हिन्दी इंटरनेट की राह देख रहे भारतवासियों के लिए यह किसी आश्चर्य से कम नहीं था जिसने भाषाई समाज के लिए ...
10
11

पहली हिन्दी ईमेल सेवा

गुरुवार,सितम्बर 10, 2015
समय के साथ संचार के माध्यमों में इतनी तेज़ी से परिवर्तन हो रहा था कि हर युवा नई तकनीक को अपना साथी बनाने को बेताब दिखाई देने लगा। जिस समय लोग अंग्रेज़ी के इंटरनेट को ही उत्सुकता से देख रहे थे, तब मध्यप्रदेश की एक कंपनी वेबदुनिया ने हिन्दी तथा अन्य ...
11
12

इंटरनेट पर हिन्दी का प्रवेश

गुरुवार,सितम्बर 10, 2015
इंटरनेट के आगमन के बाद से ही भारतजनों की अपनी भाषा हिन्दी को इसपर स्थान दिलाने के लिए प्रयास शुरू हो गए थे। चूँकि हिन्दी की अपनी स्वयं की एक लिपि है जो रोमन से बिल्कुल अलग है, इसलिए वेब पर हिन्दी के पृष्ठों को दिखाना आसान काम नहीं था।
12
13

भारत में इंटरनेट का आगमन

गुरुवार,सितम्बर 10, 2015
भारत में इंटरनेट क्रांति की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को हुई जब सरकार ने आम जनता को इसके उपयोग की अनुमति दी। विदेश संचार निगम लिमिटेड की मामूली सी टेलीफ़ोन लाइन सूचनाओं के इस विश्वव्यापी महामार्ग का प्रवेशद्वार बनी।
13
14
आज आ रहे नित नवीन मोबाइल उपकरण बाध्य हैं हर सुविधा हिन्दी में देने के लिए और हर संदेश हिन्दी में लेने के लिए। सभी मोबाइल प्लेटफॉर्म जैसे एंड्रॉयड 5.1 लॉलीपॉप, एपल आईओएस 8.4, विंडोज 10 और ब्लैकबेरी 10.3 हिन्दी में भी उपलब्ध हैं।
14
15
अब इंटरनेट पर हिन्दी नई-नई प्रस्तुति, नए विचार, नई शुरुआत के साथ हर दिन चौंका रही है। नवंबर 2014 में हिन्दी न्यूज पोर्टल वेबदुनिया ने फिर एक नया प्रयोग किया।
15
16
सोशल मीडिया दो नामों से आरंभ हुई थी। फेसबुक और ऑरकूट। आज हर दिन एक नया नाम हमारे सामने है। संवाद बनाए रखने के लिए, रिश्तों में रोमांच सजाए रखने के लिए और अनुभूतियों में ताजगी बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया के सिवा आज कोई विकल्प नहीं।
16
17
इंटरनेट/डैस्कटॉप सर्च यूनिकोड हिन्दी में उपलब्ध हुआ तो जैसे हिन्दी पंख लगाकर उड़ने लगी। गूगल द्वारा यूनिकोड आधारित हिन्दी ब्लॉगिंग की शुरुआत हुई। इस शुरुआत ने हिन्दी के पाठकों, प्रेमियों और विचारकों को अपनी अभिव्यक्ति का ऐसा विशाल कैनवास दिया जहाँ ...
17
18

हिन्दी में पोर्टल और साइट्स

बुधवार,सितम्बर 9, 2015
विश्व के प्रथम हिन्दी पोर्टल के साथ ही बीबीसी, जर्मनी के डॉयचे वेले, याहू इंडिया और एमएसएन इंडिया ने हिन्दी की अहमियत को समझते हुए हिन्दी में अपने अनूठे पोर्टल शुरू किए।
18
19

हिन्दी में वेब पते

बुधवार,सितम्बर 9, 2015
अब तक हिन्दी के समस्त प्रचार-प्रसार के बावजूद कुछ निर्भरताएँ अंग्रेजी पर थीं। वेब पते अंग्रेजी में ही लिखना बाध्यता थी।
19