गुजरात में सोशल मीडिया और डेटा का दुरुपयोग करने वालों की खैर नहीं, सरकार का बड़ा फैसला
Gujarat News: गुजरात विधानसभा में सरकार द्वारा घोषणा की गई है कि राज्य सरकार सोशल मीडिया और डेटा उपयोग के लिए एक नया और मजबूत ढांचा (फ्रेमवर्क) तैयार कर रही है। वर्तमान समय में तकनीक के तेजी से विकास के साथ सोशल मीडिया का प्रभाव बढ़ा है, लेकिन इसके साथ ही इसके दुरुपयोग के मामले भी चिंताजनक रूप से बढ़ रहे हैं। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार अब डेटा प्रबंधन के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश लागू करने की तैयारी कर रही है।
डिजिटल सुरक्षा के लिए कड़े होंगे नियम
इस नई योजना के तहत 'स्टेट डेटा गवर्नेंस फ्रेमवर्क' तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस ढांचे का मुख्य उद्देश्य सरकारी विभागों द्वारा डेटा के संग्रह, उपयोग और सुरक्षा में पारदर्शिता लाना है। डेटा शेयरिंग कैसे की जाए और उसकी गोपनीयता कैसे बरकरार रखी जाए, इसके लिए इस नीति में कड़े नियम होंगे, जिससे डिजिटल सुरक्षा में वृद्धि होगी और नागरिकों का डेटा सुरक्षित रहेगा।
जवाबदेही तय करने के लिए विशेष प्रावधान
सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक जैसी आधुनिक तकनीकों के खतरों के प्रति भी अत्यंत गंभीर है। नए फ्रेमवर्क में AI सिस्टम की त्रुटियों और पक्षपात को कम करने पर जोर दिया जाएगा। इसके अलावा, AI द्वारा लिए जाने वाले निर्णयों में मानवीय निगरानी और जवाबदेही तय करने के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे, ताकि डीपफेक जैसी भ्रामक सामग्री के जरिए फैलने वाली अफवाहों और धोखाधड़ी पर अंकुश लगाया जा सके।
कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण
इस नई नीति के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सरकारी अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। विधायक जनक तलाविया के प्रश्न के उत्तर में सरकार ने आश्वासन दिया है कि तकनीक का उपयोग जनहित में हो और लोगों की डिजिटल गोपनीयता बनी रहे, इसके लिए राज्य सरकार एक व्यापक नीति बना रही है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से अधिकारियों को डेटा प्रबंधन और AI तकनीक के सुरक्षित उपयोग के लिए तैयार किया जाएगा।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala