गुजरात में डिजिटल जनगणना का आगाज; देने होंगे 33 सवालों के जवाब, सीएम भूपेंद्र पटेल ने ऑनलाइन दर्ज कराया विवरण
गुजरात में 17 मई से जनगणना का कार्य जारी है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने ऑनलाइन माध्यम से अपने परिवार की जानकारी भरकर इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कवायद की शुरुआत की है। आगामी 31 मई तक सभी नागरिक घर बैठे खुद ही अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। सरकार की ओर से यह भरोसा दिलाया गया है कि नागरिकों का यह सारा डेटा पूरी तरह से गोपनीय और सुरक्षित रखा जाएगा।
नेताओं ने की लोगों से सही जानकारी देने की अपील
सूरत में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के निवास स्थान से नगर निगम कमिश्नर सहित उच्च अधिकारियों की उपस्थिति में इस कार्य की शुरुआत की गई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जनगणना के सटीक आंकड़ों के आधार पर ही सरकार नई जनकल्याणकारी योजनाएं और नीतियां तैयार करती है, ताकि विकास का वास्तविक लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी ऑनलाइन पोर्टल पर विवरण सबमिट करके देश के नागरिकों से सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने और सही जानकारी दर्ज कराने का अनुरोध किया।
1 जून से शुरू होगा बड़ा डोर-टू-डोर चरण
इस बार की जनगणना मुख्य रूप से दो चरणों में विभाजित की गई है। 31 मई तक ऑनलाइन सेल्फ-एन्यूमरेशन (स्व-गणना) चलेगी, जिसके बाद 1 जून से 30 जून के दौरान डोर-टू-डोर गणना का बड़ा चरण शुरू होगा। इस पूरे कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए गुजरात भर से करीब 1.10 लाख कर्मचारियों की फौज मैदान में उतारी जाएगी, जो राज्य के कोने-कोने में हर घर जाकर डिजिटल माध्यम से जनसंख्या के सटीक आंकड़े जुटाने का काम करेगी।
कर्मचारी पूछेंगे 33 सवाल, मदद के लिए हेल्पलाइन जारी
घरों का दौरा करने वाले ये कर्मचारी परिवार के मुखिया से उनके घर, परिवार और सुविधाओं से जुड़े कुल 33 निर्धारित सवाल पूछेंगे। यदि इस प्रक्रिया के दौरान नागरिकों को किसी भी प्रकार का भ्रम, शंका या सवाल हो, तो वे भारत सरकार द्वारा जारी किए गए आधिकारिक टोल-फ्री नंबर 1855 पर या जनगणना की अधिकृत वेबसाइट पर संपर्क करके अपनी समस्या का तुरंत समाधान पा सकते हैं।

