NEET पेपर लीक जांच में महाराष्ट्र के ‘M Sir’ पर CBI की नजर, RCC Classes कनेक्शन से मचा हड़कंप
केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा- स्नातक (नीट यूजी) प्रश्नपत्र लीक मामले में महाराष्ट्र के लातूर शहर में रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (RCC) के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है। मोटेगांवकर ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर 23 अप्रैल 2026 को होने वाली नीट यूजी परीक्षा से पहले ही प्रश्न पत्र और उत्तर प्राप्त कर लिए थे। आरोप है कि उसने प्रश्न पत्र कई लोगों को वितरित किए थे। विशेष सीबीआई न्यायाधीश अजय गुप्ता ने केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा पूछताछ के लिए 10 दिनों की हिरासत मांगे जाने के बाद, आरोपी से 9 दिनों की हिरासत में पूछताछ की अनुमति दे दी। इस मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
महाराष्ट्र में मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले चर्चित कोचिंग कारोबारी शिवराज मोटेगांवकर उर्फ 'एम सर' अब NEET पेपर लीक से सीबीआई कई दिनों से पूछताछ कर रही थी। NEET पेपर लीक मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे देश के बड़े कोचिंग नेटवर्क्स और शिक्षा माफिया के संभावित गठजोड़ पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
NEET-JEE का बड़ा ब्रांड्स किया खड़ा
लातूर के रहने वाले शिवराज मोटेगांवकर ने RCC Classes को महाराष्ट्र के सबसे बड़े NEET-JEE कोचिंग ब्रांड्स के रूप में खड़ा किया। आज RCC Classes के महाराष्ट्र के कई शहरों- लातूर, पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड़, सोलापुर और कोल्हापुर- में सेंटर संचालित हो रहे हैं। एक किसान परिवार से आने वाले शिवराज मोटेगांवकर की कहानी संघर्ष से शुरू हुई थी। उन्होंने लातूर में निजी ट्यूशन पढ़ाकर अपना करियर शुरू किया।
पूर्व छात्र मोटेगांवकर को ऐसे शिक्षक के रूप में याद करते हैं जिन्होंने ग्रामीण और छोटे शहरों के छात्रों के लिए केमिस्ट्री को आसान बनाया। कम फीस और कॉन्सेप्ट आधारित पढ़ाई RCC की पहचान मानी जाती रही है। लेकिन अब यही संस्थान देश की सबसे चर्चित परीक्षा जांच के केंद्र में आ गया है। शुरुआती दिनों में वे साइकिल से शहरभर में छात्रों को पढ़ाने जाते थे। 1990 के दशक के अंत में उन्होंने किराए के एक छोटे कमरे में करीब 10 छात्रों के साथ कोचिंग शुरू की थी।
धीरे-धीरे उनका 'लातूर पैटर्न' पूरे महाराष्ट्र में प्रसिद्ध हो गया। कहा जाता है कि इस मॉडल ने राज्य को कई NEET और JEE टॉपर्स दिए। शुरुआत में मोटेगांवकर खुद केमिस्ट्री पढ़ाते थे, हस्तलिखित नोट्स तैयार करते थे और छोटे बैच में छात्रों को गाइड करते थे। मोटेगांवकर और गिरफ्तार किए गए रिटायर्ड केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी के बीच पुराने पेशेवर संबंधों पर जांच एजेंसी की नजर है। कुलकर्णी को NEET पेपर लीक मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पीवी कुलकर्णी पहले RCC Classes में पढ़ा चुके हैं। Edited by : Sudhir Sharma

