लीजिए ! ताजा खबर है कि वैज्ञानिकों की एक टीम ने उड़ने वाला कालीन बनाने की राह खोज ली है। जब उड़नकालीन चलन में आएगा- तब कई रोचक स्थितियाँ बनेंगी। गौर फरमाएँ-----------
* बड़ी-बड़ी फ्लाइंग कंपनियाँ इसे आम आदमी तक पहुँचाने से पहले लपक लेंगी। और संभव है कि जेट कालीन, एअर इंडिया कालीन जैसे नाम गूँजने लगेंगे।
* कालीन पर उड़नेवाला अपने साथ पक्षी उड़ानेवाली छड़ी, और नींद भगाऊँ दवा वगैरा ले जाएगा।
* एअर होस्टेज जैसी कोई मधुर-मधुर व्यवस्था यहाँ नहीं होगी। वर्ना लीन और तल्लीन होने के अवसरों पर कालीन का संतुलन बिगड़ने के चाँस बढ़ जाएँगे।
भविष्य में जब 'दीवार' फिल्म बनेगी तब अमिताभ कहेगा- मेरे पास बंगला है, कालीन है, पैसा है । तुम्हारे पास क्या है? अयं !
और शायद शशिकपूर कहेंगे- मेरे पास कालीन को धोने और खटमल बीनने की विशेषज्ञा माँ है। आदि... आदि... !
* ये उड़नकालीन, कश्मीर के पेशेवर बुनकरों से ही बुनवाए जाएँगे या इन्हें विमान निर्माता कंपनियाँ तैयार करेंगी- यह मुद्दा विचारणीय होगा।
* संपन्न लोग चार्टर्ड कालीन से ट्रेवल किया करेंगे। आम जनता 'गरीबों का कालीन' जैसी फैंटेसियाँ बुनेगी।
* तेल के सिमटते-सिकुड़ते भंडारों के मद्देनजर, बिना-तेल उड़नेवाले इन कालीनों का भविष्य उज्ज्वल होगा।
* इसका खतरा है कि अच्छे-अच्छे दहेजविरोधी दूल्हे भी कहीं शादी में बेहतरीन 'ए.सी. कालीन' की माँग न करने लगें।
* विमानों की लेटलतीफी से त्रस्त लोग निजी कालीन रखने में ज्यादा रूचि लेंगे।
* विमान प्राधिकरण की तर्ज पर कालीन प्राधिकरण भी बनेंगे।
* नए युग के चलन के अनुसार कालीन हाइजैक की घटनाएँ भी होने लगेंगी।
* विमान दुर्घटना होने पर मलबा बिखरता है------ कालीन दुर्घटना होने पर चिंदे बिखरेंगे।
* लड़ाकू हवाई जहाजों की तरह लड़ाकू कालीन भी बनाए जाएँगे।
* हर उड़ान से पहले कालीन के खटमल बीने जाएँगे। ताकि यात्रा आरामदायक हो।
* भविष्य में जब 'दीवार' फिल्म बनेगी तब अमिताभ कहेगा- मेरे पास बंगला है, कालीन है, पैसा है । तुम्हारे पास क्या है? अयं !
और शायद शशिकपूर कहेंगे- मेरे पास कालीन को धोने और खटमल बीनने की विशेषज्ञा माँ है। आदि... आदि... !