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निर्जला एकादशी व्रत रखने के 2 बड़े फायदे, 5 बड़े दान

Updated: गुरुवार, 9 जून 2022 (14:29 IST)
Nirjala Ekadashi 2022 : प्रतिवर्ष ज्येष्‍ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार निर्जला एकादशी का व्रत 10 जून 2022 को रखा जाएगा। इस एकादशी को भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं और कुछ अंचलों में पांडव एकादशी भी कहा जाता है। 
 
 
दो बड़े फायदे:
1. पद्मपुराण में निर्जला एकादशी व्रत द्वारा मनोरथ सिद्ध होने की बात कही गई है।
 
2. इस एकादशी के व्रत को विधिपूर्वक करने से सभी एकादशियों के व्रत का फल मिलता है।
 
 
पांच बड़े दान :
1. अन्न- जलदान, गौ दान, वस्त्रदान, जूता और छाता दान। यह नहीं कर सकते हैं तो कम से कम इस दिन जल कलश में जल भरकर उसे सफेद वस्त्र से ढककर चीनी और दक्षिणा के साथ किसी ब्राह्मण को दान जरूर करें जिससे साल भर की सभी एकादशियों का फल प्राप्त होता है।

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