1. धर्म-संसार
  2. »
  3. व्रत-त्योहार
  4. »
  5. ईद
Written By ND

जुल्म करने वालों खुदा से डरो

कुरआन आयत
NDND
अल्लाह ताअला पैगम्बर मोहम्मद को कुरआन के इस आयत में फरमाता है कि 'तुम्हारा रब्ब जब जुल्म करने वालों को सजा देता है तो उसकी पकड़ बहुत मजबूत होती है। इसीलिए लोगों को सबक सिखाने के लिए कई पैगम्बरों (सैयदना हूद अ.स. आदि) की नाफरमान उम्मतों (पैगम्बर को मानने वाले) पर अजाब (पाप कष्ट) का जिक्र किया है।

सुरा-यूसुफ का उल्लेख करते हुए पैगम्बर के कड़े इम्तेहान के बारे में बताया गया है, जो यहूदियों ने उनसे यूसुफ अ.स. के बारे में सवाल पूछा था। तब अल्लाहने आकाशवाणी से मोहम्मद स.अ. को बताया था।

हजरत यूसुफ अ.स. का वाकेआ है कि उन्होंने ख्वाब में देखा कि ग्यारह सितारे चाँद-सूरज उन्हें सज्दा कर रहे हैं। इस पारे में यूसुफ अ.स. का जिक्र करते हुए उनके ख्वाब की पूरी ताबीर (स्वप्नफल) का तफसील से उल्लेख है।

अल्लाह ताअला फरमाता है कि ऐ लोगो पैगम्बरों के इन वाकेआत से तुम सबक लो और कुरआन तुम्हारी हिदायत के लिए भेजा गया है। आगे सुरा-रअद में कहा गया है कि अल्लाह को बंदों के अच्छे-बुरे आमाल या कर्मों की पूरी खबर है और वह तोहफे और सजा देने वाला है। इसलिए नेक राह पर चलें। (यह तरावीह कुरआन के बारहवें पारे के चौथाई भाग से तेरहवें पारे के आधे हिस्से की तिलावत पर आधारित है।
लेखक के बारे में
ND