दिल्ली विधानसभा चुनाव में एक-दूसरे पर तीखे हमले

पुनः संशोधित शुक्रवार, 6 फ़रवरी 2015 (18:59 IST)
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नई दिल्ली। के लिए कल शाम समाप्त हुए प्रचार अभियान पर नजर डालने से पता चलता है कि हाल के समय में चुनाव के लिए हुए प्रचार में से इस बार का चुनाव प्रचार ऐसा रहा है जिसमें अलग-अलग पार्टियों और उम्मीदवारों ने एक-दूसरे के खिलाफ सबसे ज्यादा कड़वे बोल बोले और तीखे हमले किए ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामलीला मैदान में आयोजित भाजपा की पहली रैली से जुबानी हमलों की शुरुआत की। इस रैली में उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) के नेता को ‘अराजक’ करार दिया।
 
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमें यहां विकास चाहिए, अराजकता नहीं। उनकी मास्टरी धरना करने में है। हमारी मास्टरी सरकार चलाने में है।’ भाजपा में शामिल होकर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करने के किरण बेदी के फैसले के बाद ने उन पर करारा हमला किया और इसे ‘घोर राजनीतिक अवसरवाद’ करार दिया।
 
अरविंद केजरीवाल ने अपनी पूर्व सहयोगी का स्वागत करते हुए ट्वीट किया, ‘मैं किरण बेदी जी का हमेशा से प्रशंसक रहा हूं। मैंने हमेशा उन्हें समझाने की कोशिश की कि उन्हें राजनीति में आना चाहिए। मैं खुश हूं कि आज वह राजनीति में आ गईं।’
बहरहाल, बेदी के बाद जैसे ही शाजिया इल्मी भी भाजपा में शामिल हुईं, ‘आप’ ने उन पर हमले तेज कर दिए।
 
‘आप’ की दिल्ली इकाई के संयोजक आशुतोष ने भाजपा में शामिल होने के बेदी के फैसले को अवसरवादी करार दिया। पार्टी ने बेदी के उन पुराने ट्वीट को भी ढूंढ निकाला जिसमें उन्होंने नरेंद्र मोदी पर हमले किए थे। (भाषा)
 



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