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बुजुर्ग से लेकर बच्चों तक ने घर में रहकर दी कोरोनावायरस को मात

Updated: सोमवार, 10 अगस्त 2020 (16:32 IST)
इंदौर। मध्यप्रदेश में कोविड-19 के मरीजों की तादाद में हालिया उछाल के बाद मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने अफसरों को निर्देश दिए हैं कि इस महामारी के सामान्य लक्षणों वाले मरीजों के ‘होम क्वारंटाइन’ (डॉक्टरों की निगरानी में घर पर इलाज) को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
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चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए आयोजित बैठक में कोविड-19 संक्रमण की स्थिति की समीक्षा के बाद रविवार रात ट्वीट किया कि अस्पतालों में गंभीर मरीजों का उपचार ठीक से हो, इसके लिए सामान्य लक्षण वाले मरीजों लिए घर पर पृथक-वास को प्रोत्साहित करना चाहिये। इसमें रीयल टाइम मॉनीटरिंग सुनिश्चित करने के लिए ऐप तथा अन्य आवश्यक साधनों का उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
 
इंदौर, सूबे में कोविड-19 से सर्वाधिक प्रभावित जिला है, जहां प्रशासन एक मोबाइल ऐप की मदद से डॉक्टरों की निगरानी में महामारी के मरीजों के घर पर पृथक-वास कार्यक्रम की शुरुआत तीन महीने पहले ही कर चुका है।
 
कलेक्टर मनीष सिंह ने सोमवार को पीटीआई को बताया कि इंदौर में इस कार्यक्रम के तहत 5 मई से लेकर अब तक कुल 786 मरीजों ने अपने घर में ही इलाज कराते हुए कोविड-19 को मात दी है। इनमें महामारी के हल्के या बिना लक्षणों वाले मरीज शामिल हैं।
 
उन्होंने बताया कि जिले में अपने घर में रहकर ठीक हुए मरीजों का यह आंकड़ा इस महामारी को हराने वाले कुल 5,961 लोगों का करीब 13 प्रतिशत है। अन्य 87 फीसद मरीज अस्पतालों और पृथक-वास केंद्रों में रहकर ठीक हुए हैं। कलेक्टर ने बताया कि हम अपने गृह पृथक-वास कार्यक्रम को और मजबूत बनाने जा रहे हैं।
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इंदौर में स्वास्थ्य विभाग के गृह पृथक-वास कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. सुनील गंगराड़े ने बताया कि जिले में घर पर रहकर कोविड-19 को मात देने वाले 786 मरीजों में 2 वर्ष की बच्ची से लेकर 85 साल की महिला तक शामिल हैं।
 
उन्होंने बताया कि इंदौर नगर निगम के 'इंदौर 311' मोबाइल ऐप की मदद से घर पर पृथक रह रहे मरीजों की सेहत की अद्यतन जानकारी उनके केयरगिवर (तीमारदार) की मदद से स्थानीय कंट्रोल रूम तक उसी समय (रीयल टाइम में) पहुंचती है और डॉक्टर उनकी सेहत पर निगाह रखते हैं।
 
गंगराड़े ने बताया कि कोविड-19 का घर में रहकर इलाज करा रहे मरीजों को पल्स ऑक्सीमीटर नाम का उपकरण भी दिया जाता है। इस छोटे-से उपकरण के जरिए मरीज के शरीर में ऑक्सीजन का स्तर और उसकी नब्ज उसके घर में ही जांची जाती है।
 
अधिकारियों ने बताया कि इंदौर में पिछले 24 घंटे के दौरान कोविड-19 के 208 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की तादाद 8,724 पर पहुंच गई है। इनमें से 333 मरीजों की मौत हो चुकी है। खासकर बाजारों को लेकर प्रशासनिक पाबंदियों में ढील के बाद हाल के दिनों में जिले में कोविड-19 संक्रमण के दैनिक मामलों में इजाफा देखा जा रहा है। (भाषा)

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