एक सीटी-स्कैन 300 एक्स-रे के बराबर, बार-बार न कराएं, हो सकता है नुकसान

Last Updated: मंगलवार, 4 मई 2021 (15:27 IST)
कोरोनावायरस का प्रकोप पूरे देश में फैला हुआ है। लाख कोशिशों के बावजूद भी संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि आजकल बहुत ज्यादा लोग सीटी स्कैन करा रहे हैं। जब सीटी स्कैन की जरूरत नहीं है तो उसे करा कर आप खुद को नुकसान ज्यादा पहुंचा रहे हैं क्योंकि आप खुद को रेडिएशन के संपर्क में ला रहे हैं। इससे बाद कैंसर होने की संभावना बढ़ सकती है।

उन्होंने कहा कि सीटी-एससीएन और बायोमार्कर का दुरुपयोग किया जा रहा है। हल्के लक्षण होने पर सीटी-स्कैन कराने में कोई फायदा नहीं है। एक सीटी-स्कैन 300 छाती एक्स-रे के बराबर है, यह बहुत हानिकारक है।

गुलेरिया ने कहा, ‘स्टेरॉइड घर में इलाज करा रहे लोग नहीं लें। मध्यम लक्षण में ही स्टेरॉइड दिया जाता है। मॉडरेट बीमारी में तीन तरीके से इलाज होगा। सबसे पहले ऑक्सीजन दीजिए, ऑक्सीजन भी दवा है। उसके बाद स्टेरॉइड दे सकते हैं। होम आइसोलेशन में रह रहे लोग अपने डॉक्टर से संपर्क करते रहें। सेचुरेशन 93 या उससे कम हो रही है, बेहोशी जैसे हालात हैं, छाती में दर्द हो रहा है तो एकदम डॉक्टर से संपर्क करें’



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