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झूठ का सच: जॉन हॉपकिंस की रिपोर्ट, क्या 24 करोड़ भारतीयों को हो जाएगा कोरोना वायरस?
हाल ही में कुछ भारतीय मीडिया संस्थानों दावा किया था कि भारत में कोरोना वायरस बहुत तेजी से बढ रहा है। इन मीडिया संस्थानों ने अपनी खबरों में लिखा था कि इस वायरस से कम से कम 24 करोड़ भारतीय संक्रमित हो सकते हैं।
दरअसल, सेंटर फॉर डिजिस डायनॉमिक्स और इकॉनॉमिक्स एंड पॉलिसी (जॉन हॉपकिंस विश्वविद्याल) की रिपोर्ट को आधार बनाकर इस तरह की खबरें जारी की गई थी।
लेकिन अब खबर आई है कि जॉन हॉपकिंस विश्वविद्याल ने इन खबरों से किनारा कर लिया है। विश्वविद्याल ने अपने ट्विटर हैंडल से इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
जॉन हॉपकिंस विश्वविद्याल के ट्विटर हैंडल से कहा गया कि जिन मिडिया संस्थानों ने ये खबरें लिखी हैं, उन्हें जॉन हॉपकिंस विश्वविद्याल ने अपने लोगों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी है।
जॉन हॉपकिंस विश्वविद्याल की तरफ से इस ट्वीट के बाद जिन मीडिया संस्थानों खबरें लिखी गई थी, उन्होंने उन्हें तुरंत खबरें हटा ली हैं। वहीं कुछ मीडिया संस्थानों ने अपनी इन खबरों में जरुरी फेरबदल किए हैं।
दरअसल, सेंटर फॉर डिजिस डायनॉमिक्स और इकॉनॉमिक्स एंड पॉलिसी (जॉन हॉपकिंस विश्वविद्याल) की रिपोर्ट को आधार बनाकर इस तरह की खबरें जारी की गई थी।
लेकिन अब खबर आई है कि जॉन हॉपकिंस विश्वविद्याल ने इन खबरों से किनारा कर लिया है। विश्वविद्याल ने अपने ट्विटर हैंडल से इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
जॉन हॉपकिंस विश्वविद्याल के ट्विटर हैंडल से कहा गया कि जिन मिडिया संस्थानों ने ये खबरें लिखी हैं, उन्हें जॉन हॉपकिंस विश्वविद्याल ने अपने लोगों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी है।
जॉन हॉपकिंस विश्वविद्याल की तरफ से इस ट्वीट के बाद जिन मीडिया संस्थानों खबरें लिखी गई थी, उन्होंने उन्हें तुरंत खबरें हटा ली हैं। वहीं कुछ मीडिया संस्थानों ने अपनी इन खबरों में जरुरी फेरबदल किए हैं।
