कृष्ण भक्त हैं पैदल चाल में सिल्वर जीतने वाली प्रियंका, सुंदरता में भी नहीं किसी से कम

Last Updated: शुक्रवार, 19 अगस्त 2022 (17:51 IST)
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बर्मिंघम: राष्ट्रमंडल खेलों की रजत पदक विजेता पैदल चाल खिलाड़ी प्रियंका गोस्वामी भगवान कृष्ण की भक्ति करने के साथ खुद को ‘फैशनेबल’ बनाये रखती हैं। > 6 अगस्त को  राष्ट्रमंडल खेलों में जब वह अपनी स्पर्धा में चुनौती पेश कर रही थी तब उनकी अंगुलियों पर विभिन्न देशों के झंडे बने हुए थे। उसके बाल ‘स्टाइलिश’ तरीके से कटे हुए है और उन्होंने अपने किट को बेहतरीन तरीके से सजाया है।> प्रियंका ने कहा, ‘‘मुझे फैशनेबल कपड़े पहनना और नई चीजों का इस्तेमाल करना पसंद हैं। स्पर्धा में भाग लेने से पहले मैं सोचती थी कि मैं अपनी किट कैसे तैयार करूं और मेरा हेयर स्टाइल कैसा होगा।’’अपनी स्पर्धा से पहले उन्होंने ने अपने नाखूनों को उन देशों के झंडों से रंगा था जहां उन्होंने प्रतिस्पर्धा की थी।
प्रियंका ने कहा, ‘‘मैंने अपने नाखूनों को उन देशों के झंडे से भी रंगा है जहाँ मैं प्रतिस्पर्धा करती आयी हूँ। राष्ट्रमंडल खेलों के कारण मेरे नाखून पर इंग्लैंड, ओलंपिक खेलों के कारण जापान का झंडा है। मैंने स्पेन में भी प्रतिस्पर्धा की है इसलिए वहां का भी झंडा है।’’
कृष्ण भक्त हैं प्रियंका

पैदल चाल में राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोस्वामी ने कहा, ‘‘मेरे पास भगवान कृष्ण (मूर्ति) भी हैं और मैं उन्हें हर प्रतियोगिता में अपने साथ ले जाती हूं और वह आज मेरे लिए किस्मत लेकर आए है।’

प्रियंका गोस्वामी ने रेस वॉक में जीता था ऐतिहासिक रजत

टोक्यो 2020 ओलंपियन भारत की प्रियंका गोस्वामी ने 2022 में शनिवार को महिला 10 किमी रेस वॉक में ऐतिहासिक रजत पदक हासिल किया था।
प्रियंका ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 10,000 मीटर की दूरी को 43:38.00 मिनटों में पूरा किया था, जबकि ऑस्ट्रेलिया की जेमीमा मॉनटाग ने 42:34.00 के समय के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया था।

प्रियंका ने सीटी बजते ही ट्रैक पर बढ़त हासिल कर ली और 4,000 मीटर के बाद वह पहले स्थान पर थीं। इसके कुछ देर बाद ही वह जेमीमा और केन्या की एमिली वामुस्यी एन्जी से पिछड़ गयीं थीं। जब प्रतियोगिता में सिर्फ दो किमी की दूरी बची थी, तब प्रियंका ने शानदार वापसी करते हुए केन्या की प्रतिद्वंदी को पछाड़ा और रजत पदक हासिल किया था।
यह ट्रैक एंड फील्ड आयोजनों में मुरली श्रीशंकर (लंबी कूद में रजत) और तेजस्विनी शंकर (ऊंची कूद में कांस्य) के बाद भारत का तीसरा पदक था।

इसी के साथ प्रियंका रेसवॉकिंग में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला भी बन गयीं थीं। वह इस खेल में राष्ट्रमंडल पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी भी थीं। इससे पहले, हरमिंदर सिंह ने दिल्ली 2010 खेलों की 20 किमी रेसवॉकिंग प्रतियोगिता में कांस्य जीता था।



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