अटपटी बातों को अपने चटपटे अंदाज में कहना किशोर कुमार का फितूर था

बहुमुखी प्रतिभा के धनी का 4 अगस्त को जन्मदिवस है। गायक, संगीतकार, अभिनेता, निर्माता, लेखक जैसे किशोर के कई रूप हमें देखने को मिले। संगीत की बिना तालीम हासिल किए जिस तरह से उन्होंने फिल्म संगीत जगत में अपना स्थान बनाया वह तारीफ के काबिल है। अपनी मधुर आवाज में गाए गीतों के जरिए किशोर कुमार आज भी हमारे आसपास मौजूद हैं। पुरानी के साथ-साथ नई पीढ़ी भी उनकी आवाज की दीवानी है। किशोर जितने उम्दा कलाकार थे, उतने ही रोचक इंसान। वे कब क्या कर बैठे, यह कोई नहीं जानता था। उनके कई किस्से में प्रचलित हैं। याद करते हैं उनकी कुछ खास बातें।

 

रशोकि रमाकु

अटपटी बातों को अपने चटपटे अंदाज में कहना किशोर कुमार का फितूर था। खासकर गीतों की पंक्ति को दाएँ से बाएँ गाने में उन्होंने महारत हासिल कर ली थी। नाम पूछने पर कहते थे- रशोकि रमाकु।




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