मेरा संगीत बंद तो मेरी धड़कन भी बंद : अलका याज्ञनिक

"बच्चों के रियलिटी शो में कुछ बातों पर ध्यान देना पड़ता है। बच्चों का दिल बहुत कोमल होता है इसलिए हर समय अपने चेहरे पर मुस्कान बनाए रखनी पड़ती है। सोच-समझ कर बोलना पड़ता है कि कहीं बच्चों को कोई बात बुरी ना लग जाए।"
यूँ तो कई रियलिटी शोज़ मे रह चुकी हैं, खास कर सिंगिंग रियलिटी शोज़ में, लेकिन जब बच्चों को जज करने की बात आती है तो अलका खुद मानती हैं कि कई बातों का ध्यान भी रखना पड़ता है।
इस समय 'सुपरस्टार सिंगर' शो में जज बनीं अलका आगे बताती हैं 'हमारे इस शो में हमने चार कैप्टन बनाए हैं- सलमान, सचिन वाल्मीकि, नितिन कुमार और ज्योतिका टांगरी। ये चारों कैप्टन देश के कोने-कोने से बच्चों को लाए हैं। कोई आसाम से है तो कोई बंगाल से। केरल से भी एक बच्चा आया है।

जब बच्चों के गाने को या आवाज़ को जज करते हैं तो क्या देखा जाता है? पूछने पर अलका जवाब देती हैं 'आवाज़ तो अच्छी होनी चाहिए, साथ ही टैलेंट भी जज करते हैं, लेकिन सबसे ज़्यादा पोटेंशियल देखा जाता है कि बच्चे में क़ाबिलियत कितनी है। इस शो में बच्चों की उम्र सीमा तय की गई है। 13 साल से बड़ा बच्चा नहीं लिया गया है।'

अलका बातों को और समझाते हुए कहती हैं, "हम ये भी जज करते हैं कि बच्चा कितना बुद्धिमान है। हम सिखाने के लिए तो सब सीखा सकते हैं, लेकिन उसमें समझने की ताकत तो हो, वो दिमाग तो हो कि वो राग या गाने के अंदाज़ को समझ सके।'

जब आप आम लोगों से मिलती हैं तो वे रियलिटी शोज़ के बारे में क्या कहते हैं आपसे?- हमें जवाब देने पड़ते हैं। वे हमें कठघरे में खड़ा कर देते हैं। उनके सवालों का जवाब देना पड़ता है। कभी पूछते हैं बच्चा अच्छा गा रहा था तो निकाल क्यों दिया? वह लड़की गाना भूल गई थी फिर भी शो में क्यों है? तब कहना पड़ता है कि नहीं वो बच्चा कहां चूक गया या बच्ची गाना भूली थी लेकिन वो सुरीली थी।' अलका बताती हैं।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने चैनलों को लिखा है कि रियलिटी शो में अभद्र भाषा और वल्गर बातें ना हो। इस पर अलका का कहना है- 'हम किसी भी हालत में बच्चों को वल्गर गाने नहीं देते हैं। जब बात के गानों की आती है तो उसमें मस्ती छेड़छाड़ और चुलबुलाना होता है।'

आप के लिए संगीत क्या है? इस सवाल का अलका जवाब देती हैं- 'धड़कन है मेरी। मेरा संगीत बंद तो मेरी धड़कन भी बंद।'

 

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