1. मनोरंजन
  2. बॉलीवुड
  3. आलेख
  4. Shah Rukh Khan, Fan, Darr, Baazigar, Samay Tamrakar
Written By समय ताम्रकर

शाहरुख खान : नायक नहीं... खलनायक

शाहरुख खान
शाहरुख खान ने 'फैन' में दोहरी भूमिका निभाई है। एक सुपरस्टार की और दूसरे उसके प्रशंसक यानी फैन की। फिल्म के ट्रेलर से झलक मिलती है कि सुपरस्टार का यह फैन उनके लिए मुसीबत बन जाता है। फैन का यह किरदार निगेटिव्ह शेड्स लिए हुए है। ग्रे किरदार शाहरुख बखूबी निभाते हैं। इनमें वे नैसर्गिक लगते हैं। लगता ही नहीं कि वे अभिनय कर रहे हैं। भावना की त्रीवता के साथ वे इस तरह के किरदार निभाते हैं और दर्शकों को हिला देते हैं। शाहरुख ने अपने करियर की शुरुआत में भी कुछ इसी तरह की भूमिकाएं निभाई थीं। उन्हें पसंद भी किया गया, लेकिन चुपके से वे रोमांटिक फिल्मों की तरफ खिसक लिए और सुपरस्टार बन गए। आइए चर्चा करते हैं उन फिल्मों की जिनमें शाहरुख के नकारात्मक किरदार चर्चित रहे हैं। 
बाजीगर 
1993 में अब्बास-मुस्तान ने शाहरुख खान को लेकर यह थ्रिलर मूवी बनाई थी। इस फिल्म को कई कलाकारों ने ठुकरा दिया था क्योंकि उस दौर में नकारात्मक भूमिका निभाने का जोखिम कोई भी उठाने को तैयार नहीं था। शाहरुख खान ने जब यह फिल्म स्वीकार ली तो उनके शुभचिंतकों ने इसे आत्मघाती कदम करार देते हुए फिल्म न करने की सलाह दी, परंतु शाहरुख ने किसी की नहीं सुनी। अजय नामक किरदार उन्होंने निभाया जो अपने पिता की हत्या का बदला लेता है। हालांकि यह एक हीरो की ही कहानी है लेकिन प्रस्तुतिकरण कुछ ऐसा था कि शाहरुख नायक कम खलनायक ज्यादा नजर आते हैं। बदला लेने को उतारू यह युवक जब अपनी प्रेमिका को बिल्डिंग से फेंक देता है तो सिनेमाघर में सन्नाटा छा जाता है। बदले की आग में छटपटाते किरदार को शाहरुख ने इतनी खूबी से निभाया कि दर्शक उनके दीवाने हो गए।
क...क...क... अगले पेज पर 

डर 
1993 में ही बाजीगर प्रदर्शित होने के कुछ ही दिनों बाद दर्शकों को 'डर' देखने को मिली जिसमें शाहरुख अपनी हरकतों से नायिका के साथ-साथ दर्शकों को डराते हैं। यश चोपड़ा द्वारा निर्देशित इस फिल्म में शाहरुख ने राहुल नामक किरदार निभाया जो खलनायक रहता है। राहुल मानसिक रोगी है और किरण को पागलपन की हद तक चाहता है। किरण का दिल सुनील पर आया हआ है और यह बात राहुल को बर्दाश्त नहीं होती। वह किरण का हर ‍जगह पीछा करता है। सुनील और किरण की जिंदगी को मुश्किल बना देता है। शाहरुख द्वारा बोला गया क..क...क...किरण दर्शकों को अब तक याद है। शाहरुख अपने किरदार को इस तरह डूब कर निभाया कि जब वे परदे पर आते तो दर्शकों में खौफ छा जाता। यह शाहरुख के अभिनय का कमाल था कि फिल्म खत्म होने के बाद दर्शकों के दिमाग में हीरो सनी देओल की बजाय विलेन शाहरुख छा जाता है।
नफरत करने लगते हैं दर्शक... अगले पेज पर  
 
 

अंजाम 
1994 में प्रदर्शित अंजाम को निर्देशित किया था राहुल रवैल ने। यह फिल्म डर के कुछ दिनों बाद रिलीज हुई थी। लगभग छ:-सात महीनों के अंतराल में शाहरुख की यह तीसरी ऐसी फिल्म थी जिसमें उनका किरदार नकारात्मक था। फिल्म में शाहरुख ने विजय अग्निहोत्री का किरदार निभाया था और उनके अपोजिट माधुरी दीक्षित थी। इस फिल्म में शाहरुख का किरदार इतना हिंसात्मक था कि पारिवारिक दर्शकों और महिलाओं ने इस फिल्म से मुंह मोड़ लिया। हिंसा का फिल्म में अतिरेक था और बॉक्स ऑफिस पर फिल्म असफल रही थी। शाहरुख ने अपना किरदार पूरी ईमानदारी से निभाया और दर्शक फिल्म देखते समय उनके किरदार से नफरत करने लगते हैं।
झक्की और शक्की पति... अगले पेज पर 

हम तुम्हारे हैं सनम
वर्ष 2002 में प्रदर्शित 'हम तुम्हारे हैं सनम' में शाहरुख खान के अलावा सलमान खान और माधुरी दीक्षित भी हैं। फिल्म में शाहरुख का नकारात्मक तो नहीं, लेकिन थोड़ा ग्रे-शेड लिए किरदार है। यहां उनके नकारात्मक किरदार को कॉमेडी का टच दिया गया है। दरअसल वे शक्की पति गोपाल के रोल में हैं। उनकी पत्नी राधा अक्सर अपने दोस्त सूरज से बातें करती रहती है। गोपाल अपने आपको उपेक्षित महसूस करता है और उसे शक होने लगता है कि राधा और सूरज में मोहब्बत है। शाहरुख ने इस किरदार को बहुत ही अच्‍छी तरह जिया। उनका बात-बात पर शक करना दर्शकों को खूब हंसाता है।
लेखक के बारे में
समय ताम्रकर
समय ताम्रकर फिल्म समीक्षक हैं, जो फिल्म, कलाकार, निर्देशक, बॉक्स ऑफिस और फिल्मों से जुड़े पहलुओं पर गहन विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं।.... और पढ़ें