गुरुवार, 18 जुलाई 2024
  • Webdunia Deals
  1. मनोरंजन
  2. बॉलीवुड
  3. आलेख
  4. happy birthday jumping jack jeetendra actor films and career

अपनी अनूठी डांस शैली से जीतेन्द्र का नाम पड़ा था 'जंपिंग जैक'

जीतेन्द्र ने अपने सिने करियर की शुरूआत 1959 में रिलीज फिल्म 'नवरंग' से की थी

happy birthday jumping jack jeetendra actor films and career - happy birthday jumping jack jeetendra actor films and career
Jeetendra Birthday: बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता जीतेन्द्र 82 वर्ष के हो गए हैं। एक जौहरी परिवार में 7 अप्रैल 1942 को जन्में रवि कपूर (जीतेन्द्र) का रूझान बचपन से हीं फिल्मों की ओर था और वह अभिनेता बनना चाहते थे। वह अक्सर घर से भाग कर फिल्म देखने चले जाते थे। जीतेन्द्र ने अपने सिने करियर की शुरूआत 1959 में रिलीज फिल्म 'नवरंग' से की जिसमें उन्हें छोटी सी भूमिका निभाने का अवसर मिला। 

लगभग पांच साल तक जीतेन्द्र फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेता के रूप में काम पाने के लिए संघर्षरत रहे। साल 1964 में उन्हें व्ही. शांताराम की फिल्म 'गीत गाया पत्थरों ने' में काम करने का अवसर मिला। इस फिल्म के बाद जीतेन्द्र अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गए।
साल 1967 में जीतेन्द्र की एक और सुपरहिट फिल्म 'फर्ज' रिलीज हुई। रविकांत नगाइच निर्देशित इस फिल्म में जीतेन्द्र ने डांसिग स्टार की भूमिका निभाई। इस फिल्म में उन पर फिल्माया गीत 'मस्त बहारो का मैं आशिक' श्रोताओं और दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। इस फिल्म के बाद जीतेन्द्र को 'जंपिग जैक' कहा जाने लगा। 
 
फर्ज की सफलता के बाद डांसिग स्टार के रूप में जीतेन्द्र की छवि बन गई। इस फिल्म के बाद निर्माता निर्देशकों ने अधिकतर फिल्मों में उनकी डांसिंग छवि को भुनाया। निर्माताओं ने जीतेन्द्र को एक ऐसे नायक के रूप में पेश किया जो नृत्य करने में सक्षम है। इन फिल्मों में हमजोली और कारंवा जैसी सुपरहिट फिल्में शामिल हैं।
 
इस बीच जीतेन्द्र ने जीने की राह, दो भाई और धरती कहे पुकार के जैसी फिल्मों में हल्के-फुल्के रोल कर अपनी बहुआयामी प्रतिभा का परिचय दिया। साल 1973 में रिलीज फिल्म 'जैसे को तैसा' के हिट होने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में उनके नाम के डंके बजने लगे और वह एक के बाद एक कठिन भूमिकाओं को निभाकर फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित हो गए। सत्तर के दशक में जीतेन्द्र पर आरोप लगने लगे कि वह केवल नाच गाने से भरपूर रूमानी किरदार ही निभा सकते है। 
उन्हें इस छवि से बाहर निकालने में निर्माता-निर्देशक गुलजार ने मदद की। और उन्हें लेकर परिचय, खुशबू और किनारा जैसी पारिवारिक फिल्मों का निर्माण किया। इन फिल्मों में जीतेन्द्र के संजीदा अभिनय दर्शक आश्चर्यचकित रह गए। जीतेन्द्र के सिने करियर पर नजर डालने पर पता लगता है कि वह मल्टी स्टारर फिल्मों का अहम हिस्सा रहे है। फिल्म इंडस्ट्री के रूपहले पर्दे पर जीतेन्द्र की जोड़ी रेखा के साथ खूब जमी। 
 
अस्सी के दशक में जीतेन्द्र की जोडी अभिनेत्री श्रीदेवी और जया प्रदा के साथ काफी पसंद की गई। अपनी अनूठी नृत्य शैली के कारण इस जोड़ी को दर्शकों ने सिर आंखो पर लिया। साल 1982 से 1987 के बीच जीतेन्द्र ने दक्षिण भारत के फिल्मकार टी रामाराव, के .बापैय्या, के .राघवेन्द्र राव आदि की फिल्मों में भी काम किया। नब्बे के दशक में अभिनय मे एकरूपता से बचने और स्वंय को चरित्र अभिनेता के रूप मे भी स्थापित करने के लिए जीतेन्द्र ने खुद को विभिन्न भूमिकाओं में पेश किया।
 
दो हजार के दशक में फिल्मों में अच्छी भूमिकाएं नही मिलने पर उन्होंने फिल्मों में काम करना काफी हद तक कम कर दिया। इस दौरान वह अपनी पुत्री एकता कपूर को छोटे पर्दे पर निर्मात्री के रूप स्थापित कराने में उनके मार्गदर्शक बने रहे। जीतेन्द्र ने चार दशक लंबे सिने करियर में 250 से भी अधिक फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया है। जीतेन्द्र इन दिनों अपनी पुत्री एकता कपूर को फिल्म निर्माण में सहयोग कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें
41 साल की उम्र में मां बनीं आरती छाबड़िया, महीनेभर बाद फैंस को दी खुशखबरी, बताई वजह