Solar Eclipse 2021: सूर्य ग्रहण की 5 सावधानियां और ग्रहण के बाद करें ये 5 कार्य

पुनः संशोधित शुक्रवार, 3 दिसंबर 2021 (15:41 IST)
2021: सूर्य ग्रहण के दौरान कई तरह की सावधानियां रखते हैं परंतु यहां पर जानिए 5 तरह की सावधानियां। दूसरी ओर जब सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2021 Date) समाप्त हो जाता है तब भी कई तरह के कार्य करते हैं परंतु यहां जानिए ऐसे 5 कार्य जो तुरंत ही करना चाहिए।


5 तरह की सावधानियां

1. एक्लिप्स ग्लास से देखें सूर्य ग्रहण : सूर्य ग्रहण कभी भी खुली आंखों से या काले चश्मे से नहीं देखना चाहिए। उसे एक्लिप्स ग्लास से देखना चाहिए। अन्यथा आंखें खराब हो सकती है।

2. बच्चों का रखें विशेष ध्यान : जो बच्चे ग्रहण देखना चाहते हैं वे माता-पिता की देखरेख में ऐसा कर सकते हैं, क्योंकि यह तय करना जरूरी है कि बच्चे किस तरह के ग्लास से यह देख रहे हैं, कहीं ग्लास हटाकर भी तो सूर्य ग्रहण को नहीं देख रहे हैं।
3. गर्भवती महिलाएं रखें विशेष ध्यान : कहते हैं कि गर्भवती महिलाओं को इस दिन विशेष ध्यान रखना चाहएि। उन्हें घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। कहते हैं कि इससे गर्भस्थ शिशु की त्वचा पर प्रभाव पड़ता है।

4. मन को रखें काबू में : यह भी कहा जाता है कि ग्रहण के दौरान संवेदनशील या भावुक व्यक्ति और भी भावुक या संवेदनशील हो जाते हैं। यह हमारी भावनाओं पर असर करता है और नकारात्मक भावों को जन्म देते हैं। इसलिए इस दौरान सावधान रहें। मन को किसी संगीत या मनोरंजन में लगाएं।
5. शरीर का रखें ध्यान : कहते हैं कि ग्रहण के दौरान व्यक्ति सुस्त या थका हुआ महसूस करता है। यह भी कहा जाता है कि ग्रहण के दौरान हमारी प्रतिरोधक क्षमता पर भी असर पड़ता है। इसलिए आप अपने शरीर को लेकर सावधान रहें। रोग प्रतिरोधक क्षमता घटने से मौसमी बीमारियों की चपेट में आ सकते हो।
Solar Eclipse 1
तुरंत करें ये 5 काम :

1. घर का करें शुद्धिकरण : घर का करें शुद्धिकरण अर्थात घर की साफ सफाई करने के बाद पवित्र जल का छिड़काव करके उसे शुद्ध करें।
नमक मिले पानी से पोछा लगा सकते हैं।

2. तुरंत करें स्नान : अच्‍छे से स्नान आदि करके शरीर को शुद्ध कर लें। गंगाजल मिले पानी से स्नान करना चाहिए।

3. ग्रहण के बाद शुद्ध करें भोजन पानी : जल को शुद्ध करने के लिए उसमें तुलसी का पत्ता डाल दें। भोजन को फिर से पकाएं और उसमें भी तुलसी का पत्ता डाल दें। ग्रहण के बाद ताजा भोजन बनाकर खाना चाहिए
4. दान करें सीदा : मंदिर में सीदा रखकर आएं या पुजारी को दे दें। सीदा दान अर्थात अनाज, गुड़, घी, नमक, शक्कर आदि वस्तुओं का दान करना। इसके साथ ही मेहतर या सफाईकर्मी को सिक्का या कुछ रुपये दान करें।

5. पूजा स्थान की करें सफाई : पूजा स्थान की सफाई करनी चाहिए। इसके बाद भगवान का दर्शन एवं पूजा पाठ करें।



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