बसंत पंचमी के 5 सबसे खास उपाय:-
1️. माँ सरस्वती की पूजा करें: पीले वस्त्र पहनकर माँ सरस्वती की विधिपूर्वक पूजा करें। पूजा में पीले फूल, अक्षत (चावल), हल्दी, और केसर अर्पित करें। माँ सरस्वती के मंत्र "ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः" का 108 बार जाप करें।
2. विद्या और बुद्धि के लिए हवन करें: सरस्वती यंत्र या सरस्वती कवच का पाठ करें। हवन में घी, गुग्गुल, और शहद से आहुति दें। विद्यार्थियों को विद्या और स्मरण शक्ति में वृद्धि के लिए यह विशेष लाभकारी होता है।
3️. पीले रंग के वस्त्र और प्रसाद अर्पित करें: बसंत पंचमी के दिन पीले रंग के वस्त्र पहनें और दान करें। प्रसाद में केसर-युक्त खीर, पीले फल (केला, आम) और चने की दाल का हलवा अर्पित करें। इससे घर में सुख-समृद्धि आती है।
5. गरीबों को भोजन और शिक्षा सामग्री दान करें: इस दिन विद्यार्थियों और गरीबों को किताबें, पेन, कॉपी, और जरूरत की चीजें दान करें। पक्षियों के लिए जल और अनाज की व्यवस्था करें, इससे पुण्य की प्राप्ति होती है।
6. बुद्धि विकास हेतु उपाय: बुद्धि में विकास के लिए वसंत पंचमी के दिन काली मां के दर्शन कर पेठा या कोई भी फल अर्पित कर ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महा सरस्वत्यै नम: मंत्र का सस्वर जाप करना चाहिए।
7. कोर्ट कचहरी से बचने के उपाय: न्यायिक मामलों, पति-पत्नी संबंधी विवादों या स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के समाधान हेतु दुर्गा सप्तशती में वर्णित अर्गला स्तोत्र और कीलक स्तोत्र का पाठ कर श्वेत वस्त्र का दान करने से लाभ होगा।
8. संगीत या कला में सफलता: संगीत या कला के क्षेत्र में सफल होना चाहते हैं, तो मां सरस्वती का ध्यान कर के ह्रीं वाग्देव्यै ह्रीं ह्रीं मंत्र का जाप करें। शहद का भोग लगा कर उसे प्रसाद के रूप में वितरित करें।
बसंत पंचमी के दिन कर सकते हैं ये 5 कार्य:-
1. विद्यारंभ का दिन: इस दिन को शिक्षा दीक्षा आरंभ करने के दिन भी माना जाता है। बसंत पंचमी के दिन को बच्चों की शिक्षा-दीक्षा के आरंभ के लिए शुभ मानते हैं। इस दिन बच्चे की जीभ पर शहद से ॐ बनाना चाहिए। माना जाता है कि इससे बच्चा ज्ञानवान होता है व शिक्षा जल्दी ग्रहण करने लगता है।
2. अन्नप्राशन का दिन: 6 माह पूरे कर चुके बच्चों को अन्न का पहला निवाला भी इसी दिन खिलाया जाता है। अन्नप्राशन के लिए यह दिन अत्यंत शुभ माना गया है।
3. परिणय प्रसंग: बसंत पंचमी को परिणय सूत्र में बंधने के लिए भी बहुत सौभाग्यशाली माना जाता है।
4. गृह प्रवेश: गृह प्रवेश से लेकर नए कार्यों की शुरुआत के लिए भी इस दिन को शुभ माना जाता है।
5. स्नान दान: इस त्योहार पर पवित्र नदियों में लोग स्नान आदि करके पुण्य अर्जित करते हैं।